जिला महिला अस्पताल में बंद अल्ट्रासाउंड कक्ष। -संवाद
गोंडा। सुबह नौ बजे से बैठी हूं…पेट में दर्द है…अब दो बज गए घर वापस जाना पड़ेगा। यह शब्द हैं बनगाई से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर जिला महिला अस्पताल पहुंचीं गर्भवती कुसुम फातिमा के। गोद में दो साल का बेटा, हाथ में परची और चेहरे पर उम्मीद, लेकिन चार घंटे बाद उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में मुफ्त अल्ट्रासाउंड की आस में आईं करीब 65 गर्भवती महिलाएं घंटों इंतजार करती रहीं। किसी की कमर दर्द से झुकी थी, तो कोई बार-बार पेट पर हाथ रखकर शिशु की हलचल महसूस करने की कोशिश कर रही थीं। मगर अल्ट्रासाउंड कक्ष का दरवाजा नहीं खुला। जिम्मेदार डॉक्टर पूरे दिन नहीं पहुंचे।
कटहा घाट की सरोज यादव सुबह साढ़े आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर आएंगे कहकर बैठा दिया गया। 12 बजे तक कोई नहीं आया। अब घर लौट रही हूं, फिर कब आऊंगी पता नहीं। शहर की अशफिया समेत दर्जनों महिलाओं को डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी थी, लेकिन मशीन सही होने के बावजूद जांच नहीं हो सकी। ज्यादातर महिलाएं ग्रामीण इलाकों से आई थीं। किसी ने किराया उधार लेकर सफर किया, तो किसी ने घर के छोटे बच्चों को पड़ोसियों के भरोसे छोड़ा। गर्भावस्था के अंतिम महीनों में लंबा इंतजार उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से कष्टदायक रहा। अस्पताल परिसर में कई महिलाएं बेंच पर लेटकर दर्द सहती दिखीं।
रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर, निजी चिकित्सकों की ड्यूटी
महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीके श्रीवास्तव दुर्घटना में घायल होने के कारण लंबे अवकाश पर हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर सीएमओ ने निजी चिकित्सकों व रेडियोलॉजिस्टों की तिथिवार ड्यूटी लगाई है। उन्हें जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत पारिश्रमिक भी दिया जाना है। शेड्यूल के अनुसार बृहस्पतिवार को एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की ड्यूटी थी। आरोप है कि वे न तो अस्पताल पहुंचीं और न ही कोई पूर्व सूचना दी। परिणामस्वरूप पूरा दिन अल्ट्रासाउंड सेवा ठप रही।
रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी
बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक की रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी। जब तक रेडियोलॉजिस्ट स्वस्थ नहीं होते, निजी चिकित्सकों के सहारे अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। सेवा बाधित करना गंभीर विषय है।
- डॉ. देवेंद्र सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल