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Gonda News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद रात पौने दस बजे लिखी एफआईआर

Thu, 01 Feb 2024 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बीते मंगलवार की रात पौने दस बजे करीब पुलिस ने मनकापुर गुरुद्वारा प्रकरण में गोंडा सांसद सहित उनके कुछ खास करीबियों व 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई पूरी की। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 18 जनवरी को मनकापुर गुरुद्वारा प्रकरण में केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
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इसके बाद 20 जनवरी को स्पेशल अदालत का परवाना मनकापुर कोतवाली में रिसीव कराया गया था। हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण कोतवाल राजकुमार सरोज ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का हवाला देते हुए पीड़ित पक्ष से 22 जनवरी के बाद केस दर्ज किए जाने की बात कही थी।
पक्षकार गुरुवचन कौर के बेटे स्वर्णपाल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद इस मामले में मुकदमा दर्ज करने को लेकर पुलिस टाल मटोल करती रही। पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने पर बताया गया कि इस मामले में विधिक राय ली जा रही है। इसलिए इंतजार करते रहे। इसके बाद विवश होकर पीड़ित पक्ष ने बीती 30 जनवरी को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसमें अधिवक्ता के माध्यम से बताया गया कि पूरे मामले में निर्देश के बाद भी पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
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इस पर हाईकोर्ट निबंधक कार्यालय से पुलिस अधीक्षक गोंडा को अतिशीघ्र एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने 12 दिन बाद 30 जनवरी की रात पौने दस बजे इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। 31 जनवरी को वादी मुकदमा को भी इस प्राथमिकी की कॉपी सौंप दी गई। पुलिस ने इस मामले में भाजपा सांसद कीर्तिवधन सिंह उर्फ राजा भैया के साथ ही कुलवंत सिंह, जसविंदर सिंह उर्फ गोल्डी, महिंदरपाल सिंह, कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया, अंग्रेज सिंह, सहदेव यादव, अमन यादव, इरफान खान, जीशान खान, रिजवान खान, सुधीर कुमार सिंह व अरुण कुमार के साथ 50-60 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
सीसीटीवी में कैद हुई थी पूरी वारदात
बीते वर्ष 14 सितंबर को एएसपी ने सीओ मनकापुर को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। 15 सितंबर को अपराध निरीक्षक अरुण राय ने पुलिसकर्मियों जाकर फिर धमकाया। 16 सितंबर को कुलवंत, जसविंदर के साथ सांसद के करीबी अंग्रेज सिंह और सहदेव यादव समेत काफी संख्या में जुटी भीड़ ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया था। घटना के दौरान अवैध कब्जेदारों के साथ कोतवाल सुधीर कुमार सिंह व अपराध निरीक्षक अरुण कुमार राय भी बावर्दी सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
लेनी पड़ी न्यायालय की शरण
पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित पक्ष ने कोर्ट की शरण ली। पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों पुलिस अफसरों को जिले से बाहर करने का आदेश दिया। इधर एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दो बार बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया। 18 जनवरी को आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने मनकापुर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने को कहा। इससे पूर्व पीड़िता ने उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में भी याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक (अपराध) अरुण कुमार राय को गोंडा जिले से हटाकर किसी अन्य जिले में तैनात करने का आदेश देते हुए एमपी/एमएलए कोर्ट को निर्देश दिया कि मामले में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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