गोंडा में दीवानी न्यायालय गेट के सामने सड़क पर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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गोंडा। ग्राम न्यायालय स्थापना के विरोध में अधिवक्ता संगठनों ने मंगलवार को दीवानी कचहरी के गेट नंबर तीन के सामने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने सरकार व जनपद न्यायाधीश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय की स्थापना का विरोध किया। धरने की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी व सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेन्द्र त्रिपाठी ने संयुक्त रुप से किया। तथा कार्यक्रम का संचालन महामंत्री मनोज सिंह व प्रदीप पांडेय ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी ने कहा कि तहसील स्तर पर ग्राम न्यायालय बनाये जाने के वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दबंगों का बोलबाला हो जाएगा तथा गरीबों को कई वर्षों तक न्याय से वंचित रहना पड़ेगा। उन्होंने जनपद न्यायाधीश पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डीजे द्वारा अधिवक्ता हितों की अनदेखी की जा रही है। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप पांडेय ने कहा कि तहसीलों की जिला मुख्यालय से अधिक दूरी नहीं है वादकारी मुख्यालय स्थित न्यायालय पर पूर्ण सुरक्षित माहौल में अपना वाद प्रस्तुत कर सकेंगे। वहीं तहसीलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। धरना-प्रदर्शन में अरविंद पांडेय, रमेश दूबे, अनुपम शुक्ल, गिरिवर चतुर्वेदी, संतोष ओझा, रामू प्रसाद समेत सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने दिखाई एकजुटता
वकीलों ने एकजुटता का परिचय देते हुए पूरे दिन संपूर्ण न्यायिक कार्य से विरत रहे व धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। जिसके चलते कचहरी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा तथा न्यायिक कार्य के साथ रजिस्ट्री काम-काज भी कम हुआ।
दो नंबर गेट पर भी मुस्तैद रहा वकीलों का समूह
दीवानी कचहरी के गेट नंबर दो पर अधिवक्ताओं का समूह मुस्तैद रहा। किसी भी वादकारी या अधिवक्ता को न्यायालय में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेकमणि श्रीवास्तव व बार एसोसिएशन के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष संतोषीलाल तिवारी समेत सैकड़ों अधिवक्ता गेट नंबर दो पर तैनात रहे।