गोंडा। दीपावली से पहले मिलावटी सामग्रियों की मंडी सज गई है। कानपुर और मेरठ से मिलावटी खोवा जिले में पहुंच रहा है। बाजार में सामान्य खोवे का भाव 300 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम है लेकिन बाहर से आ रहे खोवे की कीमत 100 से 200 रुपये प्रति किग्रा. के बीच है। असली व नकली खोवा लोगों के लिए पहचानना मुश्किल है।
मिलावटी सामानों पर अंकुश के लिए एक टीम बनी है। खाद्य एवं औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी विनय कुमार सहाय ने टीम के साथ बस स्टाप के सामने गली में छापा मारा। उनके पहुंचने पर दुकानदार दुकानें बंद कर भाग निकले। उन्होंने वहां खोवे का व्यापार करने वालों के बारे में पूछताछ की। लोगों से अपील किया कि नकली सामानों को न खरीदें। पूरी तसल्ली कर ही सामग्री खरीदें।
त्योहार शुरू होते ही मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए।
दीपावली में मिठाई से लेकर पनीर तक में मिलावट का खेल चल रहा है। दीपावली में मिठाइयों की बिक्री आम दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर ज्यादा मुनाफे के चक्कर नकली व मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से कर रहे हैं। त्योहारों से पहले भारी मात्रा नकली खोवा मंगाकर स्टॉक किया जाता है।
बड़े पैमाने पर सिंथेटिक दूध से तैयार खोया व पनीर की बिक्री कर ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बस स्टाप के पास वाली गली में नकली खोवा, पनीर व मेवा की मंडी लगती है। जिसमें सस्ते दामों में सिंथेटिक दूध से बने उत्पादों की बिक्री की जाती है।
बस स्टाप पर लगती है मंडी
बस स्टाप के पास गली में लाइन से बनी दुकानों में सस्ते खोया की बिक्री की जाती है। बस अड्डा वाला खोवा के नाम से प्रसिद्ध मेरठ व कानपुर से मंगाया गया सिंथेटिक दूध से बना खोवा सस्ते दामों में मिल रहा है।
जहां सामान्य दूध से बना खोवा बाजार 300 से 400 रुपये प्रति किलो मिलता है। वहीं, बस अड्डा पर 100 से 200 रुपये प्रति किलो में मेरठ व कानपुर वाला खोवा बिक रहा है। ऐसे में मिठाई दुकानदारों को सस्ते दामों में खोवा मिल जा रहा है। लगभग सभी प्रकार के मिठाइयों में खोवा का प्रयोग हो रहा है।
मिठाइयों पर नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एक अक्टूबर से मिठाई पर उत्पादन तिथि तथा खराब होने की तिथि लिखा जाना अनिवार्य किया था। लेकिन जनपद के लगभग कोई भी मिठाई दुकानदार ने एक्सपायरी डेट लिखना शुरू नहीं किया।
न ही खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने आदेश को लागू कराने में दिलचस्पी दिखाई। ऐसे में दुकानदारों द्वारा दूध व खोवा से बनी मिठाइयों का हफ्तों-हफ्तों तक बिक्री करते हैं। इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
ग्राहकों को खिलाया जा रहा मीठा जहर
सिंथेटिक दूध से बना खोवे की धड़ल्ले से बिक्री पर ग्राहकों में आक्रोश है। ग्राहकों ने कहा कि खोवा के नाम पर मीठा जहर खिलाया जा रहा है। रणजीत प्रताप सिंह ने कहा कि बाजारों में नकली खोवा से बनी मिठाइयों की बिक्री हो रही है।
ग्राहकों के स्वास्थ्य से साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अमरदीप तिवारी ने कहा कि मिठाइयों के डिब्बे पर एक्सपायरी डेट लिखा जाना बहुत आवश्यक है। हिमांशु शुक्ल ने कहा कि दीपावली के पहले मिठाई उत्पादों में मिलावटखोरों का कब्जा है। सस्ते खोवे से बनी मिठाइयां मीठे जहर के समान है। शिवम तिवारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। त्योहारों में बीमारों की भीड़ बढ़ जाएगी।
दीपावली पर मिलावटी सामग्री की बिक्री रोकने के लिए जांच की जा रही है। लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में नकली सामग्री पर कार्रवाई की जा रही है।
- विनय कुमार सहाय, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि विभाग