विश्व स्वच्छता दिवस के मौके पर शनिवार को जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान स्कूलों में स्वच्छता को लेकर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और शिक्षकोें ने नौनिहालों के हाथ साबुन से धुलवाकर हाथ धोने का महत्व समझाया। इसके साथ ही बच्चों को स्वच्छता को अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
मानव शरीर की 50 प्रतिशत बीमारियां गंदे हाथों से भोजन करने के कारण पनपती हैं। इस अज्ञानता को दूर कर स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने विश्व स्वच्छता दिवस के दिन जिले के परिषदीय विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता रैली निकालने का निर्देश दिया था।
शनिवार को विश्व स्वच्छता दिवस के अवसर पर परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। बेलसर के प्राथमिक विद्यालय पकवान गांव में प्रधानाध्यापक राखाराम गुप्ता ने बच्चों का हाथ धुलवाकर उन्हें स्वच्छता अपनाने का संकल्प दिलाया। इस दौरान विद्यालय में स्वच्छता को लेकर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
झंझरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेहडा़ चौबे, पिपरा सूर्यमनि व चौरी हरसोपट्टी में ब्लॉक सह समन्वयक केएन मिश्रा ने बच्चों को हाथ धुलने का महत्व समझाया और उन्हें स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया। इटियाथोक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गनेशपुर ग्रंट व प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर ग्रंट में प्रधानाध्यापक शिवराज ने बच्चों को हाथ धुलने के सही तरीके समझाए।
प्राथमिक विद्यालय कटरा बाजार प्रथम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अफसर हसन ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को भोजन से पहले हाथ धोने के लिए जागरूक किया। करनैलगंज के प्राथमिक विद्यालय धौरहरा में विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया गया। जिसमें प्रधानाध्यापक रविप्रताप सिंह ने बताया कि विश्व में प्रतिवर्ष 25 लाख लोगों की मौत डायरिया से होती है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के लिए 10 मुख्य घातक बीमारियां हैं। जिसमें से पांच बीमारी गंदे जल से होती है। उन्होंने कहा कि हमें आदत में सुधार करना होगा, तभी हम स्वस्थ रह सकते हैं।