गोंडा। जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण अब किसी बच्चे का स्कूल में दाखिला नहीं अटकेगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रवेश प्रक्रिया आसान करते हुए सामान्य शपथपत्र के आधार पर भी दाखिला देने की अनुमति दी है। नए प्रावधान से जिले के करीब 51 हजार छात्र-छात्राओं का यू-डायस पोर्टल पर डाटा फीड करने में भी तेजी आने की उम्मीद है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन जिले में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का विवरण अब तक यू-डायस पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है। आंकड़ों के अनुसार कक्षा नौ के 38,788 और कक्षा 11 के 12,565 छात्र-छात्राओं का डाटा फीड होना बाकी है। इस तरह करीब 51,353 विद्यार्थियों की फीडिंग अधूरी है।
विद्यालय संचालकों के मुताबिक विद्यार्थियों के पास जन्म प्रमाणपत्र या आधार उपलब्ध न होने और अभिलेखों में खामियां होने से पोर्टल पर विवरण दर्ज करने में दिक्कत आ रही थी। इससे विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का वास्तविक आंकड़ा भी पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा था।
बोर्ड के नए निर्देश के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र के अभाव में अभिभावक के सामान्य शपथपत्र के आधार पर प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके अलावा अस्पताल या एएनएम पंजिका में दर्ज जन्मतिथि तथा ग्राम पंचायत या नगर निकाय की जन्म-मृत्यु पंजिका का रिकॉर्ड भी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य होगा। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नए नियम से प्रवेश प्रक्रिया सरल होगी। इससे विद्यार्थियों का विवरण यू-डायस पोर्टल पर दर्ज करने में भी तेजी आएगी।