गोंडा। पंचायतों में प्रशासकों के हवाले 1054 पंचायतों में चल रही 60 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी है। इसमें सबसे ज्यादा जोर हर गांव में बन रहे सामुदायिक शौचालयों और पंचायत सचिवालयों को लेकर है। 1000 पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों और 472 पंचायतों में पंचायत सचिवालयों का निर्माण हो रहा है। इसके लिए 60 करोड़ से अधिक बजट पंचायतों को दिया गया है, इसके अलावा ऑपरेशन कायाकल्प से करीब 400 परियोजनाएं हैं जो अधूरी हैं। अब इन परियोजनाओं को पूरा कराने का कार्य प्रशासकों को करना है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पंचायतों के विकास की परियोजनाएं समय से पूरा कराने की हिदायत दी है।
पंचायतों में बड़े पैमाने पर परियोजनाएं शुरू की गईं थीं और बीते 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। इससे कई पंचायतों में कार्य में ढिलाई भी हो गई थी। अब प्रशासकों को पंचायतों की कमान दे दिया गया है और उन्हें रुके व अधूरे कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बजट के खर्च में पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश भी दिया गया है। 1054 पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण होना है जिसमें एक हजार पंचायतों में निर्माण शुरू है और 491 में निर्माण पूरा हो चुका है। अब 509 पंचायतों में कार्य पूरा कराना है। 20 करोड़ का बजट इस पर खर्च होना है।
इसी तरह 472 पंचायतों में सचिवालयों का निर्माण होना है इसमें 450 में निर्माण कार्य चल भी रहा है और 50 में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब 400 पंचायतों में निर्माण कार्य पूरा कराना है। इस पर 40 करोड़ बजट खर्च होना है। इसके अलावा गुणवत्ता पर विशेष जोर है। यही नहीं अवशेष 22 पंचायतों में सचिवालयों का निर्माण भी शुरू कराना है। पंचायतों में प्रशासकों को इन सभी कार्यों के साथ ही आपरेशन कायाकल्प से जुड़ी परियोजनाएं भी पूरी करानी हैं।
पंचायतों के विकास को पूरा करने के लिए प्रशासकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायतों में चल रही परियोजनाओं को समय से पूरा कराया जाना है।
-शशांक त्रिपाठी, सीडीओ