अदम गोंडवी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते लोग। स्रोत: सोशल मीडिया
पसका। रामनाथ सिंह ‘अदम गोंडवी’ की 14वीं पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को उनके गांव में आयोजित कार्यक्रम में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। आस्ट्रेलिया निवासी डाॅ. अमित सारवाल द्वारा उनकी रचनाओं के संकलन पर आधारित अंग्रेजी में अनुवादित पुस्तक का विमोचन किया गया।
अदम गोंडवी के नाम पर संचालित गांव के प्राथमिक विद्यालय में पुण्यतिथि पर उनके चाहने वाले एकत्र हुए। समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। क्षेत्र के शायर मो. याकूब सिद्दीकी ‘अज्म गोंडवी’ ने अपनी रचना ‘अदम का नाम जिंदा है, अदम का काम जिंदा है’ प्रस्तुत की।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने अदम गोंडवी की रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविताएं भ्रष्टाचार और व्यवस्था पर सीधा प्रहार करती हैं। परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने अदम गोंडवी को पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की मांग की।
अदम गोंडवी के भतीजे दिलीप गोंडवी ने बताया कि ‘आई विल टेक यू टू द काॅलोनी ऑफ द चमार्स एंड अदर पोयम्स’ पुस्तक का प्रकाशन किया गया है। इसमें उनकी 74 रचनाओं के अंग्रेजी अनुवाद संकलित हैं। इस मौके पर अदम गोंडवी की धर्मपत्नी कमला देवी, बेटे आलोक सिंह, रघुनाथ पांडेय, अजीत सिंह, जादूगर मिस्टर इंडिया, केके सिंह दीप, प्रेम नरायन सिंह, जानकी सिंह, रामदेव सिंह, हवलदार सिंह, रितेश सिंह आदि मौजूद रहे।