गोंडा। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में कृषि विभाग, थोक उर्वरक विक्रेताओं और 13 उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें डीएम ने कहा कि डीएपी और यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री (टैगिंग) तथा ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ उन्हें काली सूची में डाला जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने निजी कंपनियों की ओर से समय पर उर्वरक आपूर्ति का विवरण उपलब्ध न कराने और टैगिंग की मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कंपनियों की जिम्मेदारी है।
डीएम ने सहकारी समितियों पर उर्वरकों की कम उपलब्धता और आपूर्ति में लगे वाहनों की सूची उपलब्ध न कराने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। मुजेहना विकासखंड में उर्वरकों की कमी को देखते हुए सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं की विशेष निगरानी करने को कहा।उन्होंने सभी उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिया कि आपूर्ति में लगे वाहनों का पूरा विवरण 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की प्रभावी निगरानी की जा सके।
जिलाधिकारी ने थोक उर्वरक विक्रेताओं को भी आगाह किया कि यदि किसी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या टैगिंग की शिकायत मिली तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह, एआर कोऑपरेटिव रविशंकर चौधरी, पीसीएफ के ध्रुव कुमार, एडीओ सुधीर सिंह, इफको के अतर सिंह, कृभको के अजय सिंह सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और थोक विक्रेता मौजूद रहे।