मनकापुर (गोंडा)। फर्जी वरासत के एक मामले में महिला लेखपाल फंस गई हैं। जमीन की वरासत में गड़बड़ी करने की जांच में खुलासा हुआ है। तहसीलदार ने शिकायत की जांच कराई तो महिला लेखपाल दोषी पाई गईं। तहसीलदार ने विभागीय कार्रवाई के लिए उपजिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी है।
तहसील क्षेत्र के ग्राम गड़रही निवासी श्यामलाल ने तहसील से शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसके बड़े पिता छांगुर की भूमि का वरासत गांव के सियाराम, पंचम लाल, दयाशंकर आदि ने हल्का लेखपाल संगीता गौड़ से मिलीभगत करके फर्जी तरीके से एक महिला राममुना पत्नी दुलारे निवासी देवीनगर थाना वजीरगंज के नाम से 2 फरवरी 2022 को वरासत करवा दिया।
दो दिन बाद चार फरवरी को उपरोक्त लोगों ने उसी वरासत की भूमि को अपने नाम बैनामा करा लिया। तहसीलदार पैगाम हैदर ने शिकायत की जांच नायब तहसीलदार अमित कुमार यादव को सौंपी। नायब तहसीलदार की जांच में लेखपाल संगीता गौड़ ने दोषी पाई गई। तहसीलदार ने बताया कि विभागीय कार्यवाही के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी गई है।