फोटो-3 गोंडा के कलेक्ट्रेट में जिला पोषण समिति की बैठक की करते जिलाधिकारी व सीडीओ। -संवाद
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गोंडा। कुपोषित बच्चों के पुनर्वास व पोषण कार्य में लापरवाही बरतने पर भड़के जिलाधिकारी ने 16 सीडीपीओ समेत 67 कर्मियों का वेतन व मानदेय रोके जाने की कड़ी कार्रवाई की है। नाराज डीएम ने चेताया है कि यदि 15 दिनों में काम काज की स्थिति में अपेक्षित सुधार नही लाया गया तो जिम्मेदारों को चिह्नित कर सीधे जवाबदेही तय होगी। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार बुधवार को जिला पोषण समिति के बैठक में हिस्सेदारी कर रहे थे।
बैठक में हुई समीक्षा में उजागर हुआ कि कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर ग्रीन श्रेणी में लाए जाने के कार्य में सिर्फ रस्म अदायगी हो रही है। सीडीपीओ सहित अधीनस्थ सुपरवाइजर एवं विभागीय कर्मचारी अपने कार्य में कोई रुचि नहीं ले रहे। सिर्फ कागजी कार्यवाही कर कोरम को पूरा किया जा रहा है। इस दौरान जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती न किए जाने के संबंध में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबधित सीडीपीओ को लापरवाही बरतने पर सेवा समाप्ति की कड़ी चेतावनी दी। जिला पोषण समिति की लापरवाही से नाराज डीएम ने बाल विकास एवं पुष्टाहर 16 सीडीपीओ सहित 67 कर्मचारियों का वेतन एवं मानदेय रोकने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि अगले 15 दिनों में काम काज में अपेक्षित सुधार दिखायी नहीं दिया तो सभी के खिलाफ विभागीय स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई भी तय होगी।
सैम व मैम बच्चों के चिन्हांकन की स्थिति खराब
समीक्षा में सैम व मैम बच्चों के चिन्हांकन की स्थिति बेहद खराब पाई गई। निर्धारित मानक लगभग 18 हजार बच्चों के सापेक्ष मात्र 1391 बच्चों का ही अब तक चिन्हांकन पाया गया जबकि पोषण पुनर्वास केंद्र जिला अस्पताल में मात्र 10 बच्चे ही भर्ती मिले।
फील्ड में निकल कर काम करें अधिकारी
नाराज जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण पखवाड़े के दौरान विभाग की ओर से की गई गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उन्हें दी जाय। साथ ही सीडीपीओ व सुपरवाइजर फील्ड में निकलकर काम काज का जमीनी सत्यापन करें, सिर्फ बैठक के सहारे कागजी रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से अब सख्ती से निपटा जाएगा। डीएम ने कहा कि बच्चों का वजन करना, उनकी लंबाई के अनुसार उन्हें श्रेणियों में रखना तथा उसी के अनुसार उनके स्वास्थ्यवर्धन के लिए काम करना चाहिए। बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी, डीएफओ आरके त्रिपाठी, डीपीओ मनोज कुमार, डीडीओ दिनकर विद्यार्थी, सीवीओ रवीन्द्र सिंह राठौर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।