गोंडा। किशोरी से दुष्कर्म के सात साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने एक दोषी को 10 साल कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में अदालत ने एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सिंह व सुनील कुमार मिश्र के अनुसार कौड़िया थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 17 दिसंबर, 2016 को उनकी 16 साल की बहन नित्यक्रिया के लिए गई थी और वापस नहीं आई। पुलिस ने विवेचना के दौरान अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर प्रकाश में आए आरोपी खरगूपुर निवासी प्रदीप जायसवाल और बहराइच जिले के रहने वाले गुड्डू यादव के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
ट्रायल के दौरान न्यायालय ने गुड्डू यादव को दोष सिद्ध किया और साक्ष्य के अभाव में प्रदीप जायसवाल को दोषमुक्त कर दिया। शुक्रवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद नियाज अहमद अंसारी ने दोषी गुड्डू यादव को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के अपराध में 10 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता अथवा उसके विधिक प्रतिनिधियों को दी जाएगी।