जिस वांछित अभियुक्त की तलाश में पुलिस हाथ-पांव मारने का दावा करती रही वह बुधवार को धानेपुर थाने में आयोजित पीस पार्टी की बैठक में शामिल हुआ। उसे गिरफ्तार करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने खूब आवभगत भी की।
मामले धानेपुर का है। थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक युवती के साथ उसके गांव के ही एक युवक ने दुराचार किया था। पीड़िता रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई तो ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने दबाव बनाकर दुराचार के आरोपी से ही उसका निकाह करा दिया। मगर आरोपी निकाह के एक दिन बाद ही युवती को छोड़कर भाग गया।
मामले में एसपी के आदेश पर धानेपुर पुलिस ने आरोपी जावेद के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज की थी। जबकि जबरन निकाह कराने वाले ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शाहिद अली व दो अन्य के खिलाफ साजिश रचने की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन बीतने के बाद भी धानेपुर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि पीड़िता आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने से लेकर एसपी ऑफिस के चक्कर काट रही है।
पुलिसकर्मी आरोपियों की सरगर्मी से तलाश करने का आश्वासन देकर उसे लौटा देते हैं। मगर बुधवार को पुलिस का झूठ बेनकाब हो गया। धानेपुर थाने में बुधवार को बारावफात के मद्देनजर पीस कमेटी की बैठक आयोजित हुई।
इसमें साजिश का आरोपी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शाहिद अली पुलिस के सामने ही कुर्सी लगाकर बैठा रहा और उसे गिरफ्तार करने के बजाय पुलिसकर्मी आवभगत में जुटे रहे। इस रवैये से पुलिस का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।