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रोजाना हजम हो रहे पालिका के 30 हजार रुपये

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गोंडा। नगर पालिका में टैक्सी/ टेम्पो स्टैंड से होने वाली आय में जमकर खेल हो रहा है। चालकों को बिना रसीद दिए रोजाना सरकारी खजाने में जमा होने वाली रकम को हजम किया जा रहा है। औसतन 30 हजार रुपये की रोजाना बंदरबांट हो रही है। नियम के अनुसार प्रतिदिन 51200 रुपये सरकारी खजाने में जमा होने चाहिए पर ऐसा नहीं हो रहा है। इसका कारण कर्मचारियों द्वारा खुद वसूली न किया जाना है। दरअसल, कर्मचारियों के गुर्गे शहर से गुजरने वाली हर टैक्सी और टेम्पो से वसूली करते और मनमाफिक रकम पालिका में जमा करते है। हैरत की बात यह है कि इन सबके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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हाईकोर्ट के आदेश पर रद्द हुई थी नीलामी
नगर पालिका ने टैक्सी/ टेम्पो स्टैंड की नीलामी के लिए 21 फरवरी 2014 का दिन निर्धारित किया था। इसके लिए जो विज्ञापन पालिका ने प्रकाशित करवाया, उसमें कॉलम संख्या 15 पर इसमें सिर्फ गोंडा के ही ठेकेदारों को शामिल होने को कहा गया। इस पर आपत्ति जताते हुए ठेकेदार मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने संशोधित विज्ञापन प्रकाशित करवाकर नीलामी दोबारा आयोजित किए जाने का आदेश देते हुए 21 फरवरी को होने वाली नीलामी को रद्द कर दिया। लेकिन दोबारा न विज्ञापन प्रकाशित हुआ और नहीं ही नीलामी हुई।
रसीद पर नहीं डालते गाड़ी का नंबर
स्टैंड से रोज हजारों कमाने वाली नगर पालिका कई वर्षों से आज तक इसके लिए रसीदें भी नहीं छपवा पाई है। यही कारण है कि तथाकथित ठेकेदारों के गुर्गे शहर से गुजरने वाली हर टैक्सी/ टेम्पो से वसूली करते हैं पर उसके एवज में रसीद किसी को नहीं देते। अगर कुछ चालकों को रसीद दी भी जाती है तो उस पर केवल दिनांक अंकित होता है। रसीद पर गाड़ी का नंबर तक नहीं लिखा जाता। हाल ही में ऐसी ही कई रसीदें नगर पालिका के डस्टबिन में पड़ी मिली थी।
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(फोटो-9-गोंडा के नगर पालिका कार्यालय में एक डस्टबिन में पड़ी मिली टैक्सी/टैंपो की मूल रसीदें।
10-गोंडा के नगर पालिका कार्यालय में एक डस्टबिन में पड़ी मिली टैक्सी/टैंपो की मूल रसीदें।)
गाड़ी नंबर संग दी सूचना
पालिका के सभासद शुएबउद्दीन ने डस्टबिन में पड़ीं मिलीं कुछ रसीदों के बारे में जब नपाप के ईओ से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो उन्होंने बाकायदा गाड़ी नंबर के साथ सूचनाएं मुहैया करा दीं। जबकि सभासद को डस्टबिन में मिली किसी भी रसीद पर गाड़ी का नंबर अंकित नहीं मिला था।
(फोटो-11-नपाप के ईओ की तरफ से सभासद शुएबउद्दीन को जारी किया गया वह पत्र, जिसमें ईओ ने उन्हें आरटीआई के तहत जवाब दिया है।)
पहले भी की जा चुकी आपत्ति
दस साल पहले विभागीय तौर पर होने वाली वसूली को लेकर सम्परीक्षा विभाग की ओर से 24 लाख रुपये की ऑडिट आपत्ति भी की जा चुकी है। ऑडिट करने वाले अधिकारियों ने पालिका के 14 कर्मचारियों पर स्टैंड की वसूली में हेराफेरी करने को लेकर उंगली उठाई थी। जिसमें आज तक कुछ नहीं हुआ। वहीं, एक अप्रैल से 22 अप्रैल 2014 के बीच हुई वसूली में भी अब तक करीब साढे़ छह लाख रुपये की चपत पालिका को लग चुकी है।
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किस रूट पर कितनी टैक्सी और कितनी टेम्पो
रूट, चलने वाली टेम्पो रूट, चलने वाली टैक्सी
स्टेशन से कचहरी, 200 बलरामपुर रोड, 110
इनकैन से वजीरगंज, 90 उतरौला रोड, 90
एलबीएस चौराहे से बालपुर, 25 फैजाबाद रोड, 55
शहर कोतवाली से धानेपुर, 25 रगड़गंज रोड, 60
फैजाबाद रोड से खोरहंसा, 30 लखनऊ रोड, 60
कचहरी से कटरा, 10 बहराइच रोड, 50
इनकैन चौराहे से सुभागपुर, 10 कटरा रोड, 10
कुल टेम्पो: 390 कुल टैक्सी: 445
पालिका की ओर से निर्धारित प्रतिदिन वसूली का रेट
मिनी बस: 130 रुपये
टाटा गाड़ी: 100 रुपये
जीप/कार: 80 रुपये
टेम्पो: 40 रुपये
अगर कर्मचारी खुद वसूली करते तो कुछ इस तरह होती सालाना आय
390 टेम्पो से होने वाली वसूली (40 रुपये प्रति टेम्पो): 15,600 रुपये प्रति दिन, सालाना: 56.94 लाख रुपये
445 टैक्सी से होने वाली वसूली (80 रुपये प्रति टैक्सी): 35,600 रुपये प्रति दिन, सालाना: 1.29 करोड़ रुपये
टेम्पो और टैक्सियों से कुल वसूली: 1.86 करोड़ रुपये सालाना
नोट : अगर पालिका ठेका उठाती, तो उसे टैक्सी व टेम्पो स्टैंड से 1.40 करोड़ रुपये की सालाना आय होती।
10 दिनों में पालिका स्तर से की गई वसूली
दिनांक टैक्सी टेम्पो
एक अप्रैल 14,080 2,960
दो अप्रैल 15,550 3,760
तीन अप्रैल 15,990 3,680
चार अप्रैल 16,610 3,680
पांच अप्रैल 17,510 3,860
छह अप्रैल 17,510 3,860
सात अप्रैल 19,400 4,670
आठ अप्रैल 19,500 4,590
नौ अप्रैल 19,630 4,640
दस अप्रैल 18,490 5,130
योग 1,74,590 40,830
नोट: मद रुपये में है। कुछ इसी तरह से प्रतिदिन वसूली की जा रही है।
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