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आंधी से भड़की आग, 230 घर राख

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आंधी ने गोंडा और बलरामपुर में जमकर कहर बरपाया। शुक्रवार को बलरामपुर के दस गांवों में लगी आग ने आंधी का साथ पाकर 230 घरों को जला कर राख कर दिया। कई होर्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा जिले के लोगों को करीब दस घंटे तक बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ा। उधर, गोंडा में तेज आंधी से गुरुवार शाम से शुक्रवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी रही। गांवों में 17 लाख लोग देर शाम तक अंधेरे में रहे।
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दस गांवों में बरपाया कहर, मवेशी मरेः बलरामपुर। तेज आंधी से भड़की आग ने शुक्रवार को दस गांवों में 230 परिवारों को बेघर कर दिया। करीब दस मवेशियों की मौत हो गई। मौके पर देर से पहुंचे फायर कर्मियों को ग्रामीणों ने भगा दिया। वहीं, आंधी से कई टीन शेड उड़ गए। कई होर्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा दिनभर करीब दस घंटे तक बिजली गुल रही।
शुक्रवार सुबह ललिया थाना क्षेत्र के ग्राम गनवरिया में राख की चिन्गारी से लगी आग ने गोकुल प्रसाद, पतिराम, हनुमान, सत्यराम, रामशंकर, शोभाराम, राममिलन, घनश्याम, राजेंद्र आदि की करीब एक हेक्टेअर गेहूं की फसल को जला डाला। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसी थाना क्षेत्र के समधी गांव में खाना बनाते समय चूल्हे की चिन्गारी से मोहन लाल यादव के घर में आग लग गई। हरैया थाना क्षेत्र के संडीह गांव में दद्दन के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने रामजी तिवारी, सियाराम, कोयलादेवी, झब्बर, फट्टे, रामबरन व विश्वराम सहित दस लोगों के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। उधर, ललिया थाना क्षेत्र के पतझी गांव में चूल्हे की चिन्गारी से लगी आग ने रामबहाल, कुसमा, कृपाराम, भूखन, राधा प्रसाद, शीला देवी, सुनीता, अमेरिका, बरसाती, कप्तान सहित तीस परिवारों को तबाह कर दिया। हादसे में राम बहाल के तीन मवेशी भी मर गए। वहीं, बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के सुल्तानजोत गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग ने राजाराम, तीरथ, ननकने व मुन्नू के घर और श्याम लाल, रामनरेश व मुन्नू की साढ़े तीन बीघा गेहूं की फसल जला दी। इसी थाना क्षेत्र के दुल्हापुर गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग ने त्रियोगी, स्वामीनाथ, बड़कन, छोटकने, अवधराम व अच्छेलाल सहित दस परिवारों को बेघर कर दिया। इसके अलावा महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के सुगानगर गांव में चूल्हे की चिन्गारी से आग लग गई। इससे करिंगन, चन्द्रिका, बीपत, छोटकऊ, धनीराम, अमेरिका, रामदेव व भोला सहित 22 लोगों के घर जल गए। गैसड़ी थाना क्षेत्र के चौहत्तर खुर्द गांव में बटोही के घर लगी आग ने एहसानुल्लाह, बुधराम, हनुमान, कुमारे, पवनकुमार, रामअवतार सहित 25 लोगों के घरों को राख कर दिया। एक मवेशी की मौत हो गई तथा चार झुलस गए। आग बुझाने के प्रयास में भगवानदीन भी झुलस गए तथा सुषमा का पैर टूट गया। इसी क्षेत्र के जमगढ़वा गांव में मोहम्मद रईस के घर लगी आग ने शौकत अली, साबिर, नुरुल हुदा, शहजाद, फारुक व अरमान अली सहित 11 अन्य परिवारों को बेघर कर दिया। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के सेखुईया गांव में लगी आग में रामचरन, लालमन, रामचरित्र, मोहम्मद, अर्जुन, रामू, झिनकन, तुलाराम व राजेन्द्र सहित 44 परिवारों को तबाह कर दिया। देर से पहुंचे फायर कर्मियों को ग्रामीणों ने भगा दिया। रेहरा थाना क्षेत्र के हरिहरनगर गांव में झिनमुन के घर लगी आग से चिंताराम का घर तथा बालक राम की पशुशाला जल गई। पांच मवेशियों की मौत हो गई। इसी थाना क्षेत्र के भुतहा गांव में हामिद अली का घर भी आग में जल गया। गौरा थाना क्षेत्र में मिसरौलिया गांव में छह लोगों की गेहूं व गन्ने की फसल जल गई। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के मनियरिया गांव में बाग में लगी आग पर ग्रामीणों ने काबू पाकर बड़ा हादसा होने से बचा लिया। वहीं, तेज आंधी के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली करीब दस घंटे गुल रही। देर शाम तक धूल भरी तेज हवा चलने का दौर जारी रहा।
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टूटे पेड़, गिरे खंभे और बिजली गुलः गोंडा। तेज आंधी से गुरुवार शाम से शुक्रवार दोपहर तक शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी रही। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के एक-दो बिजलीघरों को छोड़कर 12 बिजलीघर पूरी तरह से गुरुवार शाम से ही बंद हैं। कहीं, तारों पर पेड़ टूटकर गिरे हैं तो कहीं बिजली के खंभे। ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 17 लाख आबादी को शुक्रवार देर शाम तक बिजली नसीब नहीं हुई। वहीं, शहर का आवास विकास इलाका गुरुवार पूरी रात अंधेरे में रहा।
गोंडा से करनैलगंज जाने वाली 33 केवी लाइन पर बटौरा गांव के पास आंधी के कारण पेड़ गिर जाने से गुरुवार शाम से आपूर्ति बाधित है। एसडीके एसके साहू ने बताया कि फॉल्ट ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देरशाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इससे चार बिजलीघरों बालपुर, कटराबाजार, परसपुर व करनैलगंज की सात लाख आबादी को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। उधर, मनकापुर 132 केवी सबस्टेशन से निकले घारीघाट, मसकनवा व मनकापुर 33 केवी बिजलीघरों की 11 केवी लाइन भी कई जगहों पर पेड़ों के टूटकर गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे करीब चार लाख आबादी को बगैर बिजली के रहना पड़ रहा है। वहीं, बलरामपुर से संचालित इटियाथोक व खरगूपुर बिजलीघरों के 11 केवी फीडर भी लाइन के क्षतिग्रस्त होने से बंद है। धानेपुर, तरबगंज व नवाबगंज की बिजली भी 33 केवी लाइन में फॉल्ट होने के कारण ठप है। इससे छह लाख आबादी परेशान है। उधर, आंधी से शहर के आवास विकास इलाके में 33 केवी लाइन का एक खंभा गिर गया। इससे पूरे आवास विकास की बिजली गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार दोपहर एक बजे तक ठप रही। इस कारण 60 हजार आबादी को सुबह के समय पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ा। आंधी के कारण कई जगह पेड़ भी उखड़ गए। कचहरी के पास पेड़ गिरने से उसके नीचे एक बाइक दब गई। हालांकि, तीन लोग बाल-बाल बच गए। आवास विकास के अवर अभियंता वीके त्रिवेदी ने बताया कि 33 केवी लाइन का खंभा तेज हवा में टूट जाने से समस्या पैदा हुई थी। जिसे ठीक करा दिया गया है। अधिशासी अभियंता उमेश विक्रम का कहना है कि शहर की आपूर्ति व्यवस्था सामान्य कर ली गई है। देहात इलाकों में जहां-जहां तार टूटे हैं, उन्हें ठीक कराए जाने के निर्देश जेई को दिए गए हैं। उम्मीद है कि देरशाम तक हर जगह की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
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