गोंडा (ब्यूरो)। जिला अस्पताल में नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले आवेदन पत्रों पर महीनों से कार्रवाई न होने से नाराज जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने सीएमओ डॉ. जेपी गुप्त से स्पष्टीकरण मांगा है।
‘अमर उजाला’ के 13 जनवरी के अंक में प्रकाशित समाचार ‘यहां तो हर गली में अवैध नर्सिंग होम’ को जिला प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है। मामले में जिला प्रशासन की टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि कई नर्र्सिंग होम संचालकों ने रजिस्ट्रेशन के लिए जिला अस्पताल में आवेदन पत्र तो दिया। लेकिन उनके मामले में महीनों से कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। जिसके कारण रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले आवेदन पत्र अब तक लंबित हैं। यही नहीं मंगलवार को जब जिला प्रशासन की टीम ने एक नर्सिंग होम पर छापेमारी की तो वहां भी टीम के लोगों को ये पता चला कि उन्होंने तो रजिस्ट्रेशन के लिए काफी पहले से ही जिला अस्पताल में आवेदन कर रखा है। जबकि अधिकतम 30 दिन के भीतर ही इन आवेदन पत्रों पर सुनवाई करके स्वास्थ्य विभाग को उनका निस्तारण कर देना चाहिए था। प्रकरण में लापरवाही मिलने से खफा जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ. जेपी गुप्त को नोटिस भेजकर दो दिन में अपना जवाब देने को कहा है। अन्यथा की स्थिति में सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन में पत्र लिखने की भी चेतावनी दी है।
जिले में जहां-तहां चल रहे अवैध नर्सिंग होम पर लगाम लगाने की कोई पहल स्वास्थ्य विभाग ने आज तक नहीं की। इसे लेकर भी जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए सीएमओ से जिले में संचालित होने वाले अवैध नर्सिंग होमों की बाबत जवाब मांगा है।