गोंडा। डीएम डॉ. रोशन जैकब ने बुधवार को आवश्यक वस्तु निगम के पंडरीकृपाल गोदाम का औचक निरीक्षण किया। गोदाम पर ताला बंद मिलने पर प्रभारी को जब मौके पर बुलाया गया तो वह अपना मोबाइल फोन बंद कर भाग गया। डीएम के निर्देश पर गोदाम का ताला तोड़कर वहां रखे खाद्यान्न का सत्यापन हुुआ। वहीं, निरीक्षण के दौरान कोटे की कई दुकानों पर अनियमितता भी पाई गई। इन सभी मामलों में डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब के साथ एडीएम व उनकी टीम ने बुधवार को आवश्यक वस्तु निगम पंडरीकृपाल गोदाम पर छापेमारी की। गोदाम में ताला लगा था। गोदाम प्रभारी क्षत्रपाल को खाद्यान्न के सत्यापन के लिए मौके पर बुलाया गया, लेकिन क्षत्रपाल अपना मोबाइल फोन बंद करके फरार हो गया। गोदाम के सत्यापन के लिए जिला प्रभारी आवश्यक वस्तु निगम रामराज पटेल को भी बुलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गोदाम का ताला तोड़ा गया। गोदाम में अनाज की पुरानी बोरियां डंप मिलीं। यहां चीनी, गेहूं, चावल व दाल की 1100 बोरियां पाई गईं। डीएम ने जिला प्रभारी आवश्यक वस्तु निगम रामराज पटेल को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि खाद्यान्न डंप होने के दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इसके बाद डीएम आवश्यक वस्तु निगम झंझरी ब्लॉक गोदाम पर पहुंचीं। वहां बीपीएल का 583 बोरा गेहूं, 1179 बोरा चावल व चीनी के बोरे भी डंप पाए गए। ये खाद्यान्न कोटेदारों को आवंटित कर कार्डधारकों को दिए जाने थे। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि पूर्व गोदाम प्रभारी पंकज सिंह व खाद्यान्न माफिया सुहेल अहमद की साठगांठ से खाद्यान्न आदि की कालाबाजारी होती थी। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है।
डीएम का अमला इसके बाद वजीरगंज गोदाम पहुंचा। वहां के गोदाम प्रभारी उदयभान तिवारी मौजूद मिले। यहां के सत्यापन में प्राप्त व वितरण पंजिका सही पाई गई। डीएम यहां संतुष्ट दिखीं। इसके बाद बेलवा बसंतपुर ग्रामसभा पहुंचीं डीएम ने कोटेदार से अभिलेख तलब किए। मगर वहां अभिलेख नहीं मिले। डीएम के निर्देश पर उचित दर दुकान का ताला तोड़ा गया, जहां से खाद्यान्न नदारद पाया गया। ग्रामीणों व कार्डधारकों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि दो-तीन माह में कभी-कभी ही खाद्यान्न मिलता है। कार्डधारक मोबीन, रफी अहमद, गुर प्रसाद, मोहर्रम अली, ननकऊ, मो. रकीम आदि ने डीएम से राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की। ग्राम पंचायत तेंदुआ भगत रनियापुर में कोटेदार मनीराम वर्मा भी गायब मिले। दुकान का बोर्ड अलग रखा पाया गया। कोटेदार के परिवारीजनों ने बताया कि घर में कोई अभिलेख नहीं हैं। बाद में अभिलेख मिल गए। इनमें खाद्यान्न का वितरण पूर्ण दर्शाया गया था। जबकि दुकान के अंदर काफी मात्रा में खाद्यान्न पाया गया। इमिलिया रूपी की उचित दर दुकान पर भी ऐसी स्थिति पाई गई। यहां अंत्योदय कार्डधारक गोकुल, माया सहित अन्य ने बताया कि दो-तीन महीने में एक बार ही खाद्यान्न दिया जाता है। अधिकांश कार्डधारकों ने शिकायत की कि कोटेदार द्वारा उनका कार्ड अपने पास रख लिया जाता है। डीएम की टीम ग्राम पंचायत मूड़ाडीह के कोटेदार रामकरन वर्मा के यहां पहुंची तो वहां ग्रामीणों ने बताया कि केरोसिन अधिक दाम लेकर 20 रुपये प्रति लीटर पर मिलता है। ये कोटा दस साल पहले निरस्त किया गया था। जो चार माह पूर्व पुन: संचालित हुआ। जिलाधिकारी ने मोहल्ला राजा स्थित मानव आदर्श कल्याण समिति द्वारा संचालित उचित दर दुकान का भी निरीक्षण किया। डीएम ने निरीक्षण के दौरान कोटे की जिन दुकानों पर गड़बड़ी मिली, उन सभी की जांच के निर्देश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि गरीबों के लिए आने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वह चाहे जिस स्तर का हो। दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एडीएम अंजनी कुमार सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी विमल कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।