गोेंडा। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें एक मुकाम दिलाने के लिए 12 जनवरी से पंजाब एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी में शुरू हो रहे राष्ट्रीय युवा महोत्सव में उन्हें एक मंच पर लाने का फैसला लिया गया। लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण मंच मिलने से पहले ही युवा कलाकारों की आस टूट गई। बजट होने के बावजूद कलाकारों का चयन नहीं किया गया। ऐसे में देवीपाटन मंडल के युवाओं का अपनी प्रतिभाओं को समाज के सामने लाने का सपना अधूरा ही रह गया।
युवा कल्याण विभाग ने ग्रामीण अंचलों के लोकगीतों व सांस्कृतिक गतिविधियों को विलुप्त होने से बचाने के साथ ही युवा कलाकारों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक मंच देने का फैसला लिया था। जिससे युवा कलाकार एक अच्छा मुकाम हासिल कर सकें। इस पर शासन ने लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी में 12 जनवरी से शुरू होने वाले 18वें पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्रदेश के युवा कलाकारों की 20 टीमों को भेजने का फैसला लिया। कलाकारों का चयन पहले जनपदस्तर पर होना था। फिर चयनित कलाकारों का मुकाबला मंडल स्तर व प्रदेश स्तर पर कराकर प्रतिभागियों का चयन होना था। युवा कलाकारों का चयन जनपद स्तर पर एक से तीन जनवरी, मंडल स्तर पर पांच जनवरी व प्रदेश स्तर पर छह से आठ जनवरी के बीच होना था। इसके बाद चयनित कलाकारों को 10 जनवरी को लुधियाना के लिए रवाना होना था। चयन के लिए शासन स्तर से प्रत्येक जनपद को 16,240 रुपये व मंडल को 14,000 रुपये अगस्त मेें ही उपलब्ध कर दिए गए थे। अफसरों की लापरवाही के कारण बजट होने के बावजूद युवा कलाकारों का चयन नहीं हुआ। इससे मंडल के युवाओं का प्रतिभाओं को निखारने का सपना अधूरा रह गया।