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मुर्दे को भी ठेका दे चुकी नगर पालिका

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गोंडा। बिना विज्ञापन गुपचुप तरीके से टेंपो-टैक्सी स्टैंड का ठेका आवंटित करने के मामले में हाईकोर्ट ने गोंडा नगर पालिका पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गोंडा नगर पालिका ठेका आंवटन को लेकर चर्चा में रही है। वर्ष 2009 में तो एक मुर्दे को टेंपो स्टैंड का ठेका आवंटित कर दिय गया था।
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बता दें कि इससे पहले नगर पालिका द्वारा एक मुर्दे को भी टेंपो स्टैंड का ठेका आवंटित करने का मामला प्रकाश में आ चुका है। वर्ष 2009 में तत्कालीन ईओ राज कुमार गुप्त ने अधिशासी अधिकारी के पद पर रहते हुए नगर पालिका से आवंटित होने वाला ठेका एक मृत व्यक्ति के नाम कर दिया था। इसकी शिकायत थ्री व्हीलर टेंपो यूनियन एसोसिएशन ने तत्कालीन डीएम और देवीपाटन मंडल के तत्कालीन आयुक्त व शासन से की थी। इसकी जब शासन स्तर पर जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली। इस पर अधिशासी अधिकारी को सात अप्रैल 2010 को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी नगर पालिका में घपलेबाजी का दौर चलता रहा। ताजा मामला बीते वित्तीय वर्ष का है। इसके लिए तत्कालीन ईओ व एसडीएम सदर शंभू कुमार ने 31 अप्रैल को ही टेंपो-टैक्सी स्टैंड का ठेका उठाए जाने के लिए इसकी खुली बोली आयोजित की। जिसमें टैक्सी स्टैंड पहली बार बोली 1.23 करोड़ रुपये आैर टेंपो स्टैंड की बोली 40.71 लाख रुपये की लगाई गई। मगर ठेकेदारों के पैसा न जमा करने के कारण ठेके को रद्द कर दिया गया और दूसरी बोली आयोजित की गई। लेकिन इस बोली में भी टैक्सी व टेंपो स्टैंड के ठेके की सर्वाधिक बोली लगाने वाले ठेकेदारों ने पैसा नहीं जमा किया। इसके बाद 75 लाख रुपये में टैक्सी स्टैंड और 28 लाख रुपये में टेंपो स्टैंड का ठेका आवंटित कर दिया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बुधवार को पूरे दिन नगर पालिका में खलबली मची रही। जिसे लेकर न तो नपाप के ईओ/सिटी मजिस्ट्रेट आनंद स्वरूप कुछ बोलने को तैयार हैं न ही नपाप के चेयरमैन रूपेश कुमार उर्फ निर्मल श्रीवास्तव।
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