गोंडा। ईद के दिन भी साढ़े तीन लाख आबादी को सही से बिजली नसीब नहीं हो सकी। इससे खोरहंसा, डुमरियाडीह व नवाबगंज के उपभोक्ताओं में रोष है।
गोंडा से खोरहंसा, डुमरियाडीह होते हुए 33 केवी की एक लाइन नवाबगंज को गई है। 36 किमी. की यह लाइन 40 साल से ज्यादा पुरानी है। यह आए दिन टूटकर गिरती है। इसे बदलने का निर्देश तीन महीने पहले कॉर्पोरेशन स्तर से जारी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। गुरुवार शाम खोरहंसा के पास यह लाइन टूट गई। इससे तीन बिजलीघरों की बिजली गुल हो गई और साढ़े तीन लाख आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह छह बजे फॉल्ट खोजा गया, लेकिन इसे ठीक करने में शनिवार सुबह के 11 बज गए। तब तक ईद की नमाज अदा हो चुकी थी। सुबह 11 बजे जैसे ही आपूर्ति चालू हुई कि दोपहर एक बजते ही तार फिर से टूट गया और लोग शाम छह बजे तक अंधेरे में रहे। बता दें कि गोंडा से डुमरियाडीह तक जर्जर तारों को बदले जाने का काम सेकेंड्री वर्क्स डिवीजन द्वारा तीन महीने से करवाया जा रहा है। अभी तक तार खोरहंसा तक ही बदल पाए हैं। सेकेंड्री वर्क्स डिवीजन के अधिशासी अभियंता निसार का कहना है कि बारिश से दिक्कतें आ रहीं हैं। जल्द डुमरियाडीह तक तार बदल दिए जाएंगे। अधिशासी अभियंता तीरथराम श्रीवास्तव की मानें तो जर्जर तारों की वजह से यह दिक्कत आ रही है।