नवाबगंज/गोंडा। सरयू नदी का जलस्तर कम होने से कटान बढ़ गई है। गुरुवार देर रात 10 घर नदी में समा गए, जबकि 500 बीघे में लगी गन्ने व धान की फसलें भी जलमग्न हो गईं। करीब 100 घर कटान के मुहाने पर हैं। इससे लोगों में दहशत है। उधर, शुक्रवार को घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर रहा। बाढ़ के कारण करनैलगंज व तरबगंज तहसील के 20 गांवों की 18 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी. ऊपर और सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से 25 सेमी नीचे रहा। करनैलगंज तहसील के चंदापुर किटौली व पसका, तरबगंज तहसील के माझाराठ, दुर्गागंज, ब्यौंदामाझा, परासपट्टी मझवार व ऐली परसौली समेत 20 गांवों की करीब 18 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। प्रशासन ने लोगों के आवागमन के लिए तरबगंज में 11 व करनैलगंज में चार नावें लगा रखीं हैं। सरयू नदी के जलस्तर में आई कमी से कटान तेज हो गई है। साखीपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल यादव ने बताया कि गुरुवार देर अट्ठैसा व माझा के रामसूरत, रामसुफल, गया प्रसाद, संतराम, कल्लू, श्रीचंद, राम अचल, बहादुर व बलुवा के हरिश्चंद्र व प्रसादे के घर नदी में समा गए। 500 बीघे खेत में लगी गन्ने व धान की फसलें जलमग्न हो गईं। करीब 100 घरों के कटने का खतरा बढ़ गया है। छोटेलाल यादव के मुताबिक लोगों में दहशत है।