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अब एसीएमओ करेंगे जांच

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मुजेहना/गोंडा। चिकित्सा अधीक्षक द्वारा एंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने के नाम पर 200 रुपये मांगने के मामले की जांच एसीएमओ को सौंपी गई है। बुधवार को प्रधान संघ मुजेहना के पदाधिकारियों ने भी चिकित्सा अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। ‘अमर उजाला’ ने तीन जुलाई के अंक में इस संबंध में '200 रुपये नहीं दिए तो सीएचसी से भगाया' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव निवासी जगप्रसाद ने बीते दिन अफसरों को पत्र देकर एंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने के नाम पर मुजेहना सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक मिश्रा पर दो सौ रुपये की मांगने का आरोप लगाया था। साथ ही रुपये न देने पर सीएचसी से भगाने और धमकाने की बात भी कही थी। हालांकि, डॉ. विवेक मिश्रा ने आरोपों को निराधार बताया था। उधर, बुधवार को प्रधान संघ मुजेहना के अध्यक्ष अजय सिंह, महामंत्री संदीप मिश्रा, रमाकांत दूबे, नानमुन्ना तिवारी, पवन कुमार समेत 24 लोगों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन बीडीओ सुरेश बहादुर सिंह को सौंपा। जिसमें चिकित्सा अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने के साथ ही उन्हें सीएचसी से हटाए जाने की मांग की गई है। देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. एके गंगवार ने बुधवार को बताया कि सीएमओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। सीएमओ डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि जांच अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव को सौंपी गई है। एसीएमओ को जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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