मथुरा बाजार (बलरामपुर)। करीब सौ साल पुराने रामजानकी मंदिर से चोरों ने मंगलवार रात राम और जानकी की मूर्तियां गायब कर दीं। चोर लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट भी ले गए। मंदिर के व्यवस्थापक के अनुसार मूर्तियां अष्टधातु की थीं, जबकि पुलिस ने इसकी जांच कराने की बात कही है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। व्यवस्थापक के अनुसार चोरी हुईं दोनों मूर्तियों का वजन करीब 50 किग्रा. है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस छानबीन में जुट गई है।
ललिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बनकटवा पतझी खुर्द निवासी रामजानकी मंदिर (ठाकुरद्वारा) के व्यवस्थापक पवन कुमार तिवारी ने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा करीब सौ साल पहले गांव में मंदिर की स्थापना कराई गई थी। उन्होंने बताया कि मंदिर में अष्टधातु की मूर्तियां स्थापित की गईं थीं। मंदिर के पुजारी ग्राम टेढ़वा निवासी बद्री प्रसाद हैं। मंगलवार रात चोरों ने मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़कर राम और जानकी की मूर्ति और लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्ति पर लगा चांदी का मुकुट उठा ले गए। बुधवार सुबह जब बद्री प्रसाद मंदिर पहुंचे तो वारदात की जानकारी हुई। वारदात से गुस्साए ग्रामीण और ग्राम प्रधान प्रेमनरायन वर्मा ललिया थाने पहुंचे। मंदिर के व्यवस्थापक ने पुलिस को मूर्ति चोरी की तहरीर दी। चोरी हुईं दोनों मूर्तियों का वजन करीब 50 किग्रा बताया जा रहा है। उधर, थानाध्यक्ष ललिया बीपी यादव का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलोग्राम अष्टधातु की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। मंदिर में मूर्तियों की जांच फॉरेंसिक टीम से कराई गई है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा की मूर्तियां अष्टधातु की थी की नहीं।