गोंडा। गरीब परिवारों के मुखिया के आकस्मिक निधन पर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से चलाई गई राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना तहसील प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। अधिकारियों की ढिलाई के चलते 1968 आवेदन पत्र जांच के लिए तहसील की अलमारियों में धूल फांक रहे हैं। फिलहाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने चारों तहसीलों के एसडीएम को पत्र जारी कर तहसील स्तर पर लंबित आवेदन पत्रों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह ने हाल ही में डीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2009-10 के 244, 2010-11 के 209, 2011-12 के 745 व 2012-13 के 770 यानि कुल 1968 आवेदन पत्र तहसील स्तर पर जांच के लिए काफी समय से लंबित हैं। इन आवेदन पत्रों की जांच रिपोर्ट तहसीलों से न आने के कारण पीड़ित परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि शासन की मंशानुरूप योजना का लाभ पीड़ित परिवार को आवेदन की तिथि से एक माह के भीतर मिलना चाहिए। अमरजीत सिंह के मुताबिक उन्होंने कई बार संबंधित तहसीलों के एसडीएम को जांच रिपोर्ट के लिए पत्र भेजा, लेकिन अभी तक उनके कार्यालय को रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने चारों तहसीलों के एसडीएम को पत्र जारी कर तहसील स्तर पर लंबित आवेदन पत्रों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।