गोंडा। मंडल के जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 98 आयुष चिकित्सक पिछले दो साल से बिना औषधि के ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मंगलवार को मंडलीय शिकायत निवारण समिति की बैठक में दो साल से औषधि न मिलने का मुद्दा छाया रहा। एडी (हेल्थ) डाॅ. जयंत कुमार ने मंडल के चारों जिलों के सीएमओ को जल्द औषधि की खरीद करने का निर्देश दिया है।
औषधि का स्टॉक न होने से एलोपैथ के अलावा आयुर्वेद और होम्योपैथ दवाओं से मरीजों को इलाज की सुविधा देने की शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। गोंडा में 26 सहित पूरे मंडल में 98 आयुष चिकित्सक तैनात हैं, जिन्हें विभाग की ओर से औषधि नहीं दी जा रही है। मंगलवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य के कार्यालय में आयोजित शिकायत निवारण समिति की बैठक में एनएचएम कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन सिंह ने दो साल से औषधि न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जिसका सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने समर्थन किया।
डॉ. मधुसूदन ने बताया कि हर साल करोड़ों रुपये का बजट आयुष के तहत मिलने के बाद भी औषधियां नहीं मिल पा रही हैं। दो साल से चिकित्सक एलोपैथ की दवाओं के सहारे मरीजों का उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों को समय से मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। बैठक में मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक राहुल पटेल, सूर्यमणि त्रिपाठी, डॉ. सुशील कुमार धुरिया, विवेक सिंह, हिमांशु मिश्र आदि मौजूद रहे।
इस साल खरीदी जा रही हैं दवाएं
आयुष की दवाएं खरीदने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट ही नहीं मिला था। नए सत्र में बजट आया है। सभी सीएमओ को जल्द ही खरीद प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
- डॉ. जयंत कुमार, एडी (हेल्थ)