गोंडा। सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दोनों पालियों में कुल 12,048 पंजीकृत अभ्यर्थियों के मुकाबले 9,607 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2,441 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की गई, साथ ही ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों का भी बायोमीट्रिक सत्यापन कराया गया।
पहली पाली में कुल 6,024 अभ्यर्थियों में से 4,757 उपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में कुल 6,024 अभ्यर्थियों में से 4,850 ने परीक्षा दी।
परीक्षा को बिना किसी बाधा के पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी विनीत जायसवाल और डीआईओएस डॉ. रामचंद्र सहित अन्य आला अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जरूरी निर्देश दिए।
एक तरफ जहां परीक्षा केंद्रों के भीतर अभ्यर्थी प्रश्नपत्र हल करने में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ बाहर उनके परिजनों को भीषण गर्मी और तेज धूप का सामना करना पड़ा। कई अभिभावक पेड़ों की छांव और आसपास के ठिकानों पर बैठकर परीक्षा खत्म होने का इंतजार करते दिखे। जैसे ही परीक्षा की घंटी बजी, अभिभावक अपने बच्चों से मिलने के लिए गेट की तरफ दौड़ पड़े।
रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
परीक्षा खत्म होने के बाद रोडवेज बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर दिनभर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ बनी रही। प्रदेश सरकार द्वारा अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में आधा किराया देने की सुविधा के कारण ज्यादातर छात्रों ने बसों से सफर किया। महाराजगंज से आए अभ्यर्थी दिलीप ने बताया कि उन्हें गृह जनपद के लिए सीधी बस नहीं मिली, इसलिए वे अयोध्या और बस्ती होते हुए जाएंगे। वहीं संजय दूबे ने कहा कि आधा किराया लगने से यात्रा में काफी राहत मिली। कुल मिलाकर सुरक्षा, परिवहन और प्रशासनिक तैयारियों के चलते परीक्षा सकुशल संपन्न हुई।
गणित के सवालों ने उलझाया, हिंदी-जीएस ने दी राहत
गोंडा। सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने गणित के प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत अधिक समय लेने वाला बताया, जबकि हिंदी और सामान्य अध्ययन (जीएस) के प्रश्न सामान्य स्तर के रहे।
शहर के शहीदे आलम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज केंद्र से परीक्षा देकर निकले महाराजगंज के सुधाकर राव ने बताया कि गणित के सवाल हल करने में उम्मीद से अधिक समय लगा। हालांकि हिंदी और जीएस के प्रश्न काफी सरल थे। वहीं अयोध्या के अनुराग पटेल ने कहा कि प्रश्नपत्र पूरी तरह संतुलित था, लेकिन गणित के कुछ पेचीदा सवालों में ज्यादा समय देना पड़ा। इसी तरह आशीष कुमार ने बताया कि हिंदी विषय का स्तर काफी अच्छा था और नियमित रूप से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इसमें अच्छे अंक हासिल करना बहुत आसान रहा। कुछ अन्य परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि करेंट अफेयर्स के कुछ प्रश्नों ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया, जबकि बाकी विषयों के प्रश्न सामान्य स्तर के ही रहे। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र को लेकर लगातार चर्चा का माहौल बना रहा। जहां अधिकांश परीक्षार्थियों का यही मानना था कि परीक्षा के दौरान जिन्होंने समय का सही प्रबंधन किया होगा, उन्हें बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।