यूपी के अयोध्या में इन दिनों आस्था का ज्वार उमड़ रहा है। वाहनों पर रोक लगाए जाने के बाद बीते 24 घंटे में गोंडा के रास्ते पुराने सरयू पुल से होकर 95 हजार श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। इसमें करीब 50 हजार श्रद्धालु दर्शन करके कटरा शिवदयालगंज तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके वापस लौटे। जबकि, करीब 45 हजार श्रद्धालु इसी रास्ते से रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं।
अयोध्या में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने से प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। शिवदयालगंज से ही वाहन रोक दिए गए हैं। ऐसे में उन्हें पैदल जाना पड़ रहा है।
अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। यहां आने वाले यात्रियों के लिए सरयू के पुराने पुल से पहले दुर्गागंज माझा गांव के पास आयोध्या मार्ग के किराने प्रशासन ने तीन पार्किंग बनाई है। दो पार्किंग शनिवार की सुबह दस बजे ही फुल हो गई। तीसरी पार्किंग पर वाहनों का दबाव है। पुलिस का मानना है कि तीसरी पार्किंग फुल होने से पहले ही इधर आने वाले वाहनों को अयोध्या के बड़े पुल के रास्ते वाहनों को भेजा जा रहा है।
महाकुंभ से लौटे श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते अयोध्या में वाहनों की लंबी कतार से जाम जैसे हालात हो गए हैं। यानि वाहन रेंगते हुए निकल रहे हैं। ऐसे परिवहन निगम प्रशासन ने प्रयागराज के लिए 15 बसें लखनऊ के रास्ते भेजी है। सिर्फ दो बसें ही अयोध्या के रास्ते गई हैं। जो सुल्तानपुर के कटका में जाम में फंसी हैं। एआरएम कपिलदेव ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रयागराज गई बसों में आठ वापस लौट आई हैं। उन्हें यात्रियों के हिसाब से प्रयागराज भेजा जाएगा।