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हाई टेंशन तार की चपेट में आने से किशोर की मौत 5

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पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही ने ली किशोर की जान
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गोंडा। पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही ने कोल्हमपुर विशेन गांव में एक किशोर की जान ले ली। किशोर सोमवार सुबह खेत की तरफ जा रहा था। गांव की लिंक रोड पार करते समय वह सड़क पर टूटकर गिरे हाई टेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

किशोर की मौत पर गांव के लोगों में आक्रोश है। किशोर के मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना नवाबगंज क्षेत्र के कोल्हमपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि टिंकू सिंह ने बताया कि उनके गांव के रहने वाले राम अलख का 17 वर्षीय बेटा जिलाजीत उर्फ गिलई सोमवार सुबह खेत की ओर निकला था।
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वह घर से थोड़ी दूरी पर गांव की लिंक रोड पार कर रहा था तभी सड़क पर टूटकर गिरे हाई टेंशन लाइन के तार की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। किशोर के मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थानाध्यक्ष नवाबगंज राकेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। किशोर के परिवार वालों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

पावर कारपोरेशन के एसडीओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि हाई टेंशन लाइन का तार टूटकर गिरा था, जिसकी चपेट में आने से किशोर की मौत हुई है। बताया कि किशोर के परिजनों को सहायता दिलाने के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय के निदेशक को पत्र भेजा जाएगा।

सूचना देने पर नहीं ठीक की लाइन

शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एचटी व एलटी लाइन का तार टूटने पर बिजली कर्मी रात में उसे जोड़ने की जहमत नहीं उठाते हैं। जिसका नतीजा रहता है कि टूटे हुए तार की चपेट में आने से लोगों की जान जा रही है।

कोल्हमपुर गांव में भी हाई टेंशन तार रविवार की देर शाम टूटकर गिरा था। गांव वालों ने इसकी सूचना भी बिजलीकर्मियों को दी थी। मगर बिजली कर्मियों ने रात में तार न जोड़ने में असमर्थता जताते हुए सोमवार को लाइन चालू करने का आश्वासन देकर फोन काट दिया।

अगर रविवार की रात में ही एचटी लाइन का तार जोड़ दिया जाता तो शायद जिलाजीत को जान न गंवानी पड़ती।

दो भाईयों में बड़ा था जिलाजीत

कोल्हमपुर गांव के रहने वाले राम अलख के दो बेटे व एक बेटी का भरा पूरा परिवार था। जिलाजीत भाई बहनों में सबसे बड़ा बेेटा था। जिलाजीत का एक छोटा भाई राम मनोरथ उर्फ पप्पू व सबसे छोटी बहन प्राची है।
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जिलाजीत की मौत से राम मनोरथ व प्राची के साथ ही उसकी मां शीला देवी और पिता राम अलख का रो-रोकर हाल बेहाल है। बड़े बेटे के मौत की खबर मिलने पर वहां आने वाला हर कोई परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में लगा है।
राम मनोरथ पप्पू प्राची व शीला देवी
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