अफसरों की लापरवाही से सड़ गया लाखों का अनाज
गोंडा। जिले के चर्चित अनाज घोटाले में पकड़ा गया सरकारी राशन सड़ने लगा है। नवीन फल-सब्जी मण्डी में डम्प 5000 क्विंटल अनाज में से अधिकतर अनाज खराब हो चुका है।
चावल में नमी सोख लेने से चावल में फफूं द लगने के साथ उसे जानवर व चूहे खाकर बर्बाद कर रहे हैं। वहीं टिन शेड में बाहर से बारिश में बौछार पड़ने से किनारे लगे गेहूं के बोरे सड़ गए हैं।
जिले के वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र में पांच माह पूर्व 27 मई को करीब एक करोड़ रुपये का सरकारी अनाज पकड़ा गया था। अनाज माफिया व खाद्य रसद विभाग के गोदाम प्रभारियों व मानीटरिंग करने वाले अधिकारियों के सिंडीकेट की ओर से अनाज घोटाले का काफी समय से खेल कर रहा था।
अनाज घोटाले का मामला सीएम योगी आदित्य नाथ तक पहुंचने पर इसमें विभाग ने रात में एक बजे वजीरगंज थाने में अनाज माफिया धर्म प्रकाश व सुहेल अहमद और गोदाम संचालक पवन सिंह व उसके सहयोगी शिवम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
दूसरे दिन बारिश हो जाने से पकड़ा गया अनाज खुले में रखा होने से भीग गया था। विभाग के जानकारों की माने तो पानी से भीगने के बाद गेहूं को तो कम लेकिन चावल के अधिक नमी सोखने से उसके जल्द नष्ट होने का खतरा रहता है।
उस वक्त प्रशासन व विभाग ने इस पकड़े गये अनाज को खाद्य रसद विभाग के ब्लॉकवार गोदामों में सुरक्षित रखवाने का प्लान बनाया था, लेकिन जब विभागीय अधिकारियों ने गोदाम प्रभारियों से अनाज की सुपुर्दगी में लेने की बात कही तो सबने हाथ खड़े कर दिये थे।
फिर तीन दिन बाद जिला प्रशासन ने घोटाले में पकड़े गये 10 हजार बोरा अनाज को अलग रखने का निर्णय लिया। उक्त अनाज को नवीन फल-सब्जी मण्डी के नीलामी चबूतरे पर डम्प कर दिया गया।
प्रशासन ने अनाज को मंडी प्रशासन की सुपुर्दगी में दे दी थी। पहले से भीगा अनाज ऐसे ही करीब पांच माह से रखा है। किनारे से ढका न जाने से बारिश में बौछार से अनाज के भीगने से बोरा व अनाज सड़ने लगा है।
नमी के साथ इस बारिश की नमी व बौछार से भीगने से करीब दो हजार बोरा अनाज सड़ गया है। मण्डी सूत्रों की माने तो डंप अनाज की कुछ बोरे चोरी भी हो चुके हैं। अनाज के लाट से कुछ बोरे गायब बताये जा रहे हैं।
इसके अलावा लाट के बीच में बोरे को चूहों व मवेशियों के काट देने से अनाज खुलकर गिर कर खराब हो गया है। गरीबों के हिस्से का अनाज सड़ रहा है और जिला प्रशासन इसे गंभीरता से नही ले रहा है। इस बात को लेकर अब लोगों की ओर से सवाल उठाये जाने लगे हैं लोगों का कहना है कि इस अनाज से गरीबों का भला हो सकता है।
इस अनाज का कोई दावेदार नहीं
अनाज घोटाले में पकड़ा गये अनाज का आज तक कोई दावेदार नहीं आया है। वजीरगंज ब्लाक के बंधवा गांव के पास एक निजी गोदाम में पकड़ा गया करोंड़ों रुपये का सरकारी अनाज किसका है अभी तक इसकी दावेदारी करने कोई नही आया है।
ऐसा माना जा रहा है कि पक ड़ा गया अनाज वास्तव में सरकारी अनाज है। जल्द खराब होने वाले वस्तुओं को समय से निस्तारित किये जाने का प्रावधान है। जब्तशुदा अनाज को 6-ए के तहत खुले बाजार में नीलाम करने का नियम है। नीलामी से प्राप्त धन को राज कोष में जमा किया जाना चाहिए।
फल सब्जी मण्डी में रखे अनाज के नीलामी विभाग की ओर से करायी जाएगी। अनाज खराब हो रहा है इसको देखकर जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। नीलामी प्रक्रिया शुरू कराकर जल्द उसका निस्तारण कराया जाएगा।
- सुभाष चन्द्र प्रजापति, मण्डी सभापति/नगर मजिस्ट्रेट गोंडा