बाढ़ के पानी में डूबने से बालक और अधेड़ की मौत
गोंडा। इस समय बारिश भले ही थमी है लेकिन घाघरा के कहर में कोई कमी नहीं आई है। जलस्तर का बढ़ना व घटना जारी है। शनिवार की देर शाम एक आठ वर्षीय बालक व एक 50 वर्षीय व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
बाढ़ ने करीब 350 बीघे जमीन तथा संपर्क मार्गों पर बनी चार पुलिया को अपने में समा लिया। लोग बीते एक पखवारा से बाढ़ के पानी में जूझने के साथ अब पेयजल व भूख से तड़पने लगे हैं। पशुओं में खुरपका व मुहंपका जैसी गंभीर बीमारियां पनपने लगी हैं।
तरबगंज क्षेत्र में मवेशियों को चराने के लिए ले गए मासूम की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि नरेंद्र (8) पुत्र लाले यादव निवासी बहादुरपुर मजरा गगनहा शनिवार की शाम जानवरों को चराने के लिए सम्मय माता स्थान के बगल स्थित तालाब के किनारे गया था तालाब में बाढ़ का पानी आया हुआ है जिसमें वह फिसल कर डूब गया।
परिजन कल शाम से ही उसकी तलाश कर रहे थे। तहसील प्रशासन ने भी जाल डलवाया था लेकिन बच्चे का पता नहीं चल सका। रविवार की दोपहर उसकी लाश पानी में उतराती मिली। शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेिजवा दिया गया है।
सरकारी सहायता शीघ्र ही उपलब्ध करा दी जाएगी। मृतक पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर पर था परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
करनैलगंज क्षेत्र में शनिवार की देर शाम अपने घर से शौच के लिए निकले एक 50 वर्षीय व्यक्ति को घाघरा अपनी धारा में बहा ले गई। उसका शव रविवार कि सुबह उसके गांव के समीप बाढ़ के पानी में मिला।
बाढ़ पीड़ित की मौत के बाद रविवार दोपहर तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी को मामले की जानकारी तक नहीं हुई। मीडिया के लोगों ने चौकी प्रभारी से इस बाबत जानकारी की तो वे स्वयं घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
चौकी प्रभारी गोपाल सिंह ने बताया कि रामबक्स (50) पुत्र मनीराम निवासी ग्राम प्रतापपुर जगन्नाथ पुरवा जो शनिवार की शाम को घर से निकला था और गांव के बाहर बाढ़ के पानी में पैर फिसल जाने की वजह से उसी में बह गया।
उसका शव रविवार की सुबह काशीपुर मार्ग पर भरे पानी से बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।
घाघरा के साथ सरयू भी उफान पर है। सरयू तट पर बना शवदाह गृह को जाने वाला रास्ता जलभराव के नाते बंद हो चुका है। शवदाह गृह और सरयू का स्नान घाट बाढ़ के चलते पानी से चौतरफा घिर चुका है।
लोगों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए शवदाह स्थल तक पहुंचना कठिन हो चुका है। घाघरा की कटान से 3 ग्राम पंचायतों की करीब साढ़े तीन सौ बीघे से अधिक भूमि कट कर नदी में समाहित हो गई।
इसके अतिरिक्त परसौली, मलौना, मलौली, लालेमाऊ, बसेहिया, बसरिया, कचनापुर, कुर्था, कंजेमऊ, सकरौरा ग्रामीण यह ऐसे गांव हैं जहां सरयू नदी का पानी गांव को घेर रहा है। नारायनपुर माझा के करीब 9 मजरे पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। चार जगहों पर पुलिया धंस गई है।
करीब आधा दर्जन स्थानों पर मार्ग कट जाने से यातायात अवरुद्ध हो चुका है। यहां पर शासन ने नाव और बाढ़ पीड़ितों के लिए राशन किट की व्यवस्था कराई है। बांध और नदी के बीच पड़ी जमीनों को काटकर घाघरा एल्गिन चरसड़ी बांध के बेहद नजदीक आ चुकी है।
जिससे एल्गिन चरसड़ी बांध के लिए भी खतरा पैदा होता जा रहा है। घाघरा में बाढ़ की तबाही से अब तक करीब 42 ग्राम पंचायतों के डेढ़ सौ से ज्यादा मजरे प्रभावित हैं। जिन्हें प्रशासन बाढ़ से प्रभावित मानने को तैयार नहीं है।
रविवार को महाराजदीन, श्यामू, सोहनलाल, गुरुप्रसाद, रामगोपाल एवं लल्ला का घर कटान की जद में आ गया। यहां के प्रधान सोहनलाल ने बताया कि घाघरा ने अब तक बेहटा ग्राम पंचायत की करीब 1 हजार बीघे से अधिक भूमि काटकर नदी में समाहित किया है।
करनैलगंज एसडीएम गुलाम सरवर ने मोटरसाइकिल से बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। जहां कई जगहों पर सड़क कटने के कारण वह गांव तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने बताया कि लगातार बाढ़ ग्रस्त इलाकों पर नजर रखी जा रही है। कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है।
आवश्यकता अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। बांध पर मौजूद सहायक अभियंता सिंचाई विभाग अमरेश सिंह ने बताया कि जहां पर अस्थाई रिंग बांध कटा था उसके अतिरिक्त स्थानों पर नदी बांध से दूर थी जो कृषि योग्य भूमि में कटान कर रही है। फिलहाल अभी बांध को कोई खतरा नहीं है।
एसडीएम और जिपं अध्यक्ष ने बांटी सहायता सामग्री
करनैलगंज। सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित एक ग्राम पंचायत नरायनपुर माझा में रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष केतकी सिंह, एसडीएम गुलाम सरवर ने साठ बाढ़ पीड़ितों को राशन किट का वितरण किया।
नरायनपुर मांझा के दो मजरे चाइन पुरवा, गोड़ियन पुरवा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। यहां के साठ परिवारों को प्रशासन ने बाढ़ ग्रस्त के रूप में चिन्हित किया था। जिन्हें रविवार को राशन की किट मुहैया कराई गई।
इस मौके पर बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह उर्फ लाल साहब, तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान, नान बच्चा पांडेय, ग्राम प्रधान नमो नारायण दुबे, विवेक सिंह, मानसिंह, जगदीश्वरानंद मिश्र, दुखहरण सिंह, पृथ्वीराज यादव, दिनेश दुबे, ध्रुव कुमार दुबे, रणजीत सिंह आदि समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
राहत सामग्री न देने का आरोप
नवाबगंज। बाढ़ से गांव के लोगो की परेशनी बढ़ती जा रही है। बाढ़ग्रस्त गांव महेशपुर के दुखीपुरवा के लोगों ने प्रशासन के उपर आरोप लगाया है कि उनके गांव के लोगों को राहत सामग्री नहीं दी गई, जबकि उनका पूरा गांव बाढ़ में डूबा है।
बगल के गांव गोड़ियन पुरवा में बाढ़ का प्रभाव न होने के बाद भी लोगों को प्रशासन ने राहत सामग्री बांटा है। गांव के प्रधान प्रतिनिधि कृष्णमोहन यादव ने आरोप लगाया कि बाढ़ ग्रसत लोगों को प्रशासन सहायता नहीं दे रहा है।
दु:खीपुरवा के लोगों में संतराम, गीता, गनपतलाल, हरिश्चंद्र, राजबाबू, बुद्धूलाल, रामकृपाल, रामकुमार, जगप्रसाद, कुलदीप, राधे, बाबदीन, पवन आदि ने प्रशासन के उपर मजरे मे राहत ना देने का आरोप लगाया है।