गोंडा। अब ड्रग एब्यूज, बाल यौनाचार समेत सामाजिक अपराध एवं बुराइयों से किशोरों को बचाने के लिए माध्यमिक स्कूलों में स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट तैयार किए जाएंगे। इसके लिए जपद के 29 माध्यमिक स्कूलों का चयन किया गया है। जिसमें कुल 900 स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट बनाए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में 30 स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट तैयार किए जाएंगे। जिन्हें साथियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए पुलिस महकमे ने सभी स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट को वर्दी देने का भी योजना बनाई है। जिससे स्कूलों में पहुंचते ही स्कूल के स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट को आसानी से पहचाना जा सकेगा।
माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को नशे की लत, बाल यौनाचार, सामाजिक अपराध एवं बुराइयों से बचाने के साथ ही यातायात के प्रति उन्हें जागरूक करने के लिए पुलिस महकमे ने जनपद के 29 माध्यमिक स्कूलों में 30-30 किशोरावस्था के विद्यार्थियों को स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट बनाने का फैसला किया है। स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को इन बुराईयों से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताकर उन्हें इससे दूर रहने की सीख देंगे और उनमें बुराईयों से लड़ने के लिए आत्मबल बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया। चयनित स्कूल में एक-एक नोडल अधिकारियों के साथ थाना स्तर पर भी पुलिस के नोडल अधिकारी बनाए गए है। स्कूलों के नोडल अधिकारी प्रधानाचार्य के नियंत्रण में काम करते हुए सभी नोडल अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करेंगे।
नोडल अधिकारी की होगी यह भूमिका
-माध्यमिक एवं बेसिक विद्यालय के नोडल अधिकारी एसपीसी कार्यक्रम के जिम्मेदार होंगे, प्राचार्य के नियंत्रण में कार्य करेंगे।
-नोडल अधिकारी थाना स्तरीय पुलिस नोडल अधिकारी तथा जनपदीय नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर एसपीसी कार्यक्रम की आंतरिक एवं वाह्य भ्रमण गतिविधियों को संचालित कराने में सहयोग करेंगे।
-नोडल अधिकारी एसपीसी कार्यक्रम के आंतरिक एवं वाह्य भ्रमण गतिविधियों का फीड बैक विद्यालय के प्राचार्य को देंगे।
-नोडल अधिकारी एसपीसी कार्यक्रम से संबंधित रजिस्टरों को तैयार करने एवं उनके अभिलेखों के रखरखाव के लिए पूर्ण से जिम्मेदार होंगे। कार्यक्रम से संबंधित अभिलेखों को उच्चाधिकारियों के मांगेे जाने पर उपलब्ध कराएंगे।
-नोडल अधिकारी एसपीसी कार्यक्रम से संबंधित वित्तीय व्यय पर पूर्ण नियंत्रण रखेंगे और संबंधिंत अधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराएंगे।
प्रधानाचार्यों संग बैठक कर एएसपी ने बताए एसपीसी के कार्य
स्टूडेंट्स पुलिस कैडे्ट के नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एसपीसी के लिए चयनित किए गए 29 स्कूलों के प्रधानाचार्योँ के साथ बैठक की गई। जिसमें एएसपी ने प्रधानाचार्यों को एसपीसी के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। एएसपी ने प्रधानाचार्यों को जल्द से जल्द एसपीसी का चयन कर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
29 माध्यमिक स्कूलों में स्टूडेंट् पुलिस कैडेट बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानाचार्यों के एसपीसी के कार्यों समेत नोडल अधिकारियों के बारे में विस्तार से बताया जा चुका है। स्कूलों में एसपीसी बनाए जाने से किशोर छात्र-छात्राओं को नशे की लत, अपराध समेत अन्य सामाजिक बुराईयों से बचाया जा सकेगा। -महेन्द्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक