गोंडा। मंगलवार को उत्तर प्रदेश का बजट पेश हुआ जिसमें इन्फ्रास्टक्चर व गरीबों के विकास पर जोर दिया गया है। गोंडा में करीब 90 हजार गरीब हैं, जिन्हें आज भी पक्की छत की दरकार है। बजट से गरीबों में आस जगी है। दूसरी तरफ गोंडा के जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकरण के लिए भी बजट का प्राविधान किया गया है। लोक निर्माण विभाग की करीब 300 सिंगल लेन की सड़कों को टू-लेन में परिवर्तन किए जाने की पहल को भी रफ्तार मिलेगी। बजट में किसानों के लिए कई नई पहल हुई तो जिले में युवा हब खुलने से युवाओं को रोजगार अवसर मिलेंगें। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़वा मिलेगा। ओपेन जिम खुलने से स्वस्थ युवा की पहल गांवों में होगी।
प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए बजट से जिले की 34 लाख की आबादी के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिशों का रंग गाढ़ा होता दिख रहा है। जिले में पुलिस की ओर से संचालित किए जा रहे स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना को अब बजट दिए जाने से रफ्तार मिलेगी। 499 इंटर व हाईस्कूलों के करीब एक लाख बच्चे सीधे पुलिस से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से एक हजार से अधिक बेटियों को लाभ मिलेगा। 22 हजार महिलाओं की भरण-पोषण योजना का लाभ मिलेगा। युवाओं के लिए युवा हब बनाकर करीब 30 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाने के साथ ही युवा हब से युवा उद्यमिता विकास अभियान का संचालन होगा।
जिले के एक दर्जन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार होने के साथ ही जिले में मेडिकल कालेज स्थापना के सपने को उड़ान मिली है। किसानों के लिए तीन विभाग संयुक्त रूप से योजनाएं संचालित करेंगे। गांव के 90 हजार के करीब गरीबों को आवास के साथ ही 1054 गांवों में स्वच्छता की नई योजनाएं संचालित होंगी। मनरेगा से 30 लाख मानव दिवस का सृजन कर एक लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार मुहैय्या कराने की पहल हुई है। दो दर्जन सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना से तय हुआ है तो बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। युवक एवं महिला मंगल दलों की दशा सुधरेगी, वहीं अधूरी सरयू नहर परियोजना करीब 40 साल बाद आगे बढ़ेगी।
बाढ़ की समस्या से मुक्ति की योजनाओं से माझा क्षेत्र के 150 गांवों को फायदा मिलेगा। एक हजार से अधिक तालाबों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। शहरी गरीबों को आवास देने की पहल के साथ ही शैक्षिक विकास का सपना साकार होगा। 300 से अधिक ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही आवश्यक पुलों के निर्माण होंगे। पर्यटन की संभावनाओं के विकास को भी गति देने की पहल होगी। इस तरह प्रदेश के बजट में जिले के लिए भी काफी खास है।
महिलाओं और बेटियों के सपने होंगे साकार
जिले में महिलाओं और बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए बजट में कई योजनाएं शामिल हैं। 22 हजार के करीब निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना जारी रखने की योजना को बल मिला है। वहीं एक हजार से अधिक बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से हर चरण पर आर्थिक मदद देने की योजना आगे बढ़ेगी। पोषण अभियान से 30 हजार से अधिक बच्चों की सेहत को सुधारने की पहल होगी।
युवाओं की तरक्की के लिए संभावनाएं बढ़ीं, मिलेंगे अवसर
बजट में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। जिले के करीब दो हजार युवक व महिला मंगल दलों की गतिविधियों को रफ्तार मिलेगा। युवा उद्यमिता विकास अभियान से जिले के 20 हजार के करीब युवाओं को अवसर मिलेगा। गांवों में खेल मैदान के साथ ही अब ओपेन जिम की सुविधा हासिल हो सकेगी। भत्ता योजना से हर महीने ढाई हजार रुपए पर युवा प्रशिक्षण के साथ ही अनुभव हासिल करेंगे। कौशल विकास से 10 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षित होंगे।
जिले में तीन सौ करोड़ से अधिक लागत के मेडिकल कालेज के निर्माण के सपने को पंख लगे हैं। इसके साथ ही एक करोड़ तीन लाख से 16 सीएचसी में 100 बेड के होंगे। अभी यह 30 बेड़ के ही सीएचसी हैं। इससे जिले की 30 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। जिले में 16 सामुदायिक स्वास्थ्स केन्द्रों के साथ ही 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। इसके अलावा जिला पुरुष व महिला अस्पतालों की सुविधाओं में इजाफा भी होगा।
जिले के पांच लाख किसानों को बुवाई के लिए बीजों की उपलब्धता के साथ ही कृषि यंत्रों पर अनुदान हासिल होगी। इसके साथ ही 40 सालों से अधूरी पड़ी सरयू नहर परियोजना के पूरे होने की उम्मीद जगी है, इससे दो लाख से अधिक किसानों को सीधे सिंचाई की सुविधा हासिल होगी। बाढ़ से जूझने वाले तरबगंज व करनैलगंज तहसील के करीब 150 गावों के लोगों को भी राहत मिलेगी। सिंचाई के साधनों के विकास के साथ ही पेयजल आपूर्ति के लिए परियोजनाओं से गावों को जोडने का अवसर मिला है।