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दो वितीय वर्ष का हिसाब दबाए बैठी हैं 16 क्षेत्र पंचायतें

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दो वित्तीय वर्ष का हिसाब दबाए बैठी 16 क्षेत्र पंचायतें

गोंडा। जिले की 16 क्षेत्र पंचायतें दो वित्तीय वर्ष का चतुर्थ राज्य वित्त के बजट का हिसाब किताब तीन साल से दबाए बैठी हैं।

जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव ने सभी खंड विकास अधिकारियों से क्षेत्र पंचायतों की ओर से बजट के सापेक्ष कराए गये कार्य का उपभोग प्रमाणपत्र तलब किया है। डीएम की सख्ती से जिले की क्षेत्र पंचायतों में हड़कंप मच गया है।
जिले की क्षेत्र पंचायतों को वर्ष 2015-16 व वर्ष 2016-17 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत विकास कार्य का बजट जारी किया गया था। आयोग की संस्तुतियों के मुताबिक क्षेत्र पंचायतों को उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना है।
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निदेशक पंचायती राज ने चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संतुतियों के तहत ग्रामीण निकाय,जिला पंचायतों, ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों को वित्तीय चर्ष 2015-16 व 2016-17 में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष क्षेत्र पंचायतों को आवंटित धनराशि का उपभोग प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप पर मांगा गया है।

इस बारे में जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी की ओर से पूर्व में भी मांगा जा चुका है। आज तक क्षेत्र पंचायतों की ओर से उपलब्ध नही कराया गया। इस पर अब जिलाधिकारी ने क्षेत्र पंचायत की ओर से कराये गये कार्य पूर्ति एंव उपभोग प्रमाणपत्र तलब किया है।
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जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह में जिला पंचायत राज विभाग व उनके लेखा सहायक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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