बांध पर किसानों का होगा मालिकाना हक
गोंडा। करनैलगंज तहसील की 85 ग्राम पंचायतों के करीब 600 मजरों को बाढ़ से बचाने की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को बांध बनने के बीच आने वाले व्यवधान को दूर करने के लिए एसडीएम की अगुवाई में ग्राम नकहरा में ग्रामीणों के साथ एक बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि जिस किसान की जमीन पर बांध बनेगा उस पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा।
क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए एल्गिन-चरसड़ी बांध के कटे हिस्से से करीब एक किलोमीटर दूर ग्राम काशीपुर व नकहरा व दो अन्य गांवों को बांध के अंदर लेकर बांध बनाने के प्रस्ताव के बाद ग्रामीणों के आक्रोश व विरोध को देखते हुए ग्राम नकहरा के पास बांध बनाने की प्रक्रिया पर अभी तक विराम लगा हुआ था।
बुधवार को एसडीएम माया शंकर यादव की पहल पर ग्राम नकहरा के समस्त ग्रामीणों की एक बैठक हुई। जिसमें तहसील क्षेत्र की 85 से अधिक ग्राम पंचायतों के 600 मजरों की सुरक्षा के लिए नकहरा के बाहर नदी के किनारे गांव को बचाते हुए गांव से बाहर किसानों के खेतों में अस्थाई बांध बनवाने पर सहमति बनी।
जिसमें यह कहा गया है कि जिन किसानों की जमीन में बांध बनाया जाएगा उस जमीन का मालिक स्वयं किसान ही होगा तथा जब भी आवश्यकता पड़े तो वह किसान आम सहमति के आधार पर उस बांध को हटा भी सकता है।
इसके साथ ही गांव के चकमार्ग को बांध के हिस्से में रखा जाएगा जिसका निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा। ग्रामीणों की इस सहमति से क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए बांध के निर्माण का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
बैठक में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेश कुमार गुप्ता, पूर्व प्रधान जगजीवन यादव, रामतेज, राजकरन, तिलकराम, रामबहादुर, बाबादीन, मंगल प्रसाद, योगेश कुमार, जानकी वा प्रकाश समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम माया शंकर यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर वह करनैलगंज बीडीओ के साथ ग्रामीणों से वार्ता करने के लिए गए थे। ग्रामीणों ने आम सहमति के आधार पर गांव से बाहर व नदी के किनारे बांध को बनवाने की सहमति दी है।
जो उनकी जमीन पर बांध बनाया जाएगा जिस पर उनका अधिकार होगा। तहसील को बाढ़ से बचाने के लिए इसे इसके अतिरिक्त प्रशासन के पास अन्य कोई रास्ता नहीं था।