गुणवत्ता से समझौते पर कार्रवाई का अल्टीमेटम
गोंडा। शनिवार को आयुक्त देवीपाटन मंडल एसवीएस रंगाराव ने पुलिस लाइन में निर्माणाधीन फोरेन्सिक लैब व जिला महिला अस्पताल में निर्माणाधीन 300 शैय्या वाले अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्हें दोनों जगहों का काम बेहद धीमी गति से चलता मिला। जिसपर आयुक्त ने काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए इसके दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी जारी किए जाने को कहा।
जिला महिला अस्पताल में निर्माणाधीन 300 शैया वाले अस्पताल के निर्माण कार्य की बेहद धीमी प्रगति पर नाराज आयुक्त ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
वहीं निरीक्षण के दौरान ही आयुक्त को निर्माणाधीन पिलर टेंढ़ा दिखाई दिया जिस पर उन्होने फटकार लगाते हुए गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिये और चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता से कम्प्रोमाइज किया तो कठोर कार्यवाही की जाएगी।
आयुक्त के पूछने पर पता चला कि तीन सौ शैया वाले इस अस्पताल का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में शुरू हुआ था जिसे अभी तक पूरा हो जाना चाहिए था किन्तु निर्माण कार्य कराने वाली संस्था की ओर से अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया है।
इसपर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते राजकीय निर्माण निगम अधिकारियों को जनवरी 2018 तक की डेडलाइन दी है। उन्होने चेतावनी दी है कि यदि जनवरी 2018 तक निर्माण कार्य पूरा नहीं करा दिया गया तो उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखने के साथ-साथ विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
जबकि केवल 20 फीसदी काम ही अधूरा है। इसमें मुख्य रूप से विद्युत कार्य, लिफ्ट, वाटर सप्लाई, सेफ्टी टैंक के काम कराए जाने हैं। इसके पूर्व आयुक्त पुलिस लाइन पंहुचे जहाँ पर फोरेंसिक लैब का निर्माण कार्य चल रहा था वहाँ पर चल रहे कार्यो की जानकारी ली।
ज्ञात हुआ कि यह फोरेंसिक लैब 23 करोड़ रूपए की लागत से बनाया जा रहा इसका निर्माण कार्य नवंबर 2017 में शुरू हुआ है और यह 2018 में बनकर तैयार हो जायेगा। निरीक्षण के दौरान एई रत्नेश कुमार और जेई ए.के. श्रीवास्तव तथा कार्यदायी फर्म के कर्मचारी भी मौजूद रहे।