गोंडा। 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने शहर से लेकर गांव तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में अब तक करीब 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से धान, मक्का और गन्ने की फसलें खेतों में गिर गई हैं। कई खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम विभाग ने 26 सितंबर को जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क किया गया है।
तेज हवा चलने के साथ बारिश से शुक्रवार को खरगूपुर, पसका, करनैलगंज, वजीरगंज और परसपुर इलाके में धान, मक्का और गन्ने की सैकड़ों हेक्टेयर फसलें खेतों में गिर गईं। भंगहा के रामनरेश, शारदा प्रसाद, रामऔतार, रमगड़िया के रामचरित्र, हुसैन नगर के सोनू, ईश्वरदीन पुरवा के अमित और बनघुसरा के पंकज ने बताया कि धान की फसल पकने को तैयार थी। खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से भारी नुकसान की आशंका है। पसका क्षेत्र के सरैया निवासी भरत कुमार ने बताया कि तेज हवा चलने से गन्ना गिर गया। लोहंगपुर के संतोष पांडेय की धान की फसल भी गिर गई। करनैलगंज के सुखदेव, राजितराम, भगवती प्रसाद, रामराज, पवन और बृजेश ने बताया कि धान, मक्का और गोभी की फसल गिरने से पैदावार प्रभावित होने के साथ फसल सड़ने का खतरा है। वजीरगंज में बाबू तिवारी, गुड्डू, बबलू, चंद्रभूषण, काली, बजरंगी और आलोक ने जलभराव से नुकसान की बात कही। परसपुर में खुशीराम, बलराम, जीवन, राजेंद्र, घल्लर और अनिल भी फसल बर्बाद होने को लेकर चिंतित हैं।
शहर के चौक, ईदगाह रोड, मेडिकल कॉलेज परिसर, कोतवाली नगर और कचहरी समेत कई स्थानों पर शुक्रवार को बारिश से जलभराव हो गया। इससे राहगीरों और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। चौक के सिराज, स्वामीनाथ और पंकज ने बताया कि मामूली बारिश में भी यहां पानी भर जाता है। मेडिकल कॉलेज पहुंचे मरीज त्रिभुवन ने कहा कि जलभराव के कारण मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में दिक्कत हुई। नगर पालिका के ईओ संतराम ने बताया कि जलभराव वाले स्थलों पर टीमों को भेजकर समस्या का निराकरण कराया जा रहा है।
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद
बारिश में गिरे पेड़, शहर में हुआ जलभराव और खेतों में गिरीं फसलें। संवाद