सर्किट हाउस में बैठक करते विधायक अवधेश प्रसाद, मनोज पांडेय, जयप्रकाश निषाद व अन्य। - संवाद
गोंडा। बाढ़ से बचाव के लिए एलगिन ब्रिज व चरसड़ी तटबंध की मरम्मत में बड़ा खेल हुआ था। 728 करोड़ रुपये की तटबंध परियोजना 2.20 करोड़ रुपये के घपले से फंस गई थी। साल 2015 के बजट में हुए घपले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा की लोकलेखा समिति सोमवार को जिले में पहुंची। तीन सदस्यीय इस समिति में विधायक अवधेश प्रसाद, मनोज पांडेय और जयप्रकाश निषाद रहे। समिति सदस्यों ने सर्किट हाउस में जिलाधिकारी के साथ बैठक करने के बाद बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जायजा लिया। बांध मरम्मत से जुड़े अभिलेखों को लेकर समिति ने बाढ़ कार्य खंड के अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
सपा विधानमंडल के मुख्य सचेतक और पूर्व मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि साल 2015 में बांध सुरक्षित करने के लिए 728 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। इससे बंधे को ठोकर बनाकर स्थाई रूप से मजबूत किया जाना था। ठोकर व रबर बोल्ड से बांध को मजबूत करने की योजना थी। जिससे बांध को कटान से बचाया जा सके। इसके लिए पहले चरण में 70 लाख और डेढ़ करोड़ रुपये जारी हुए। दो करोड़ 20 लाख रुपये का पूरा बजट खर्च कर लिया गया।
वित्त विभाग ने शिकायतों के आधार पर आपत्ति लगाई कि दो करोड़ 20 लाख के जिन कामों को दिखाकर रकम निकाली गई, वो काम हुए ही नहीं थे। इसके बाद पूरी परियोजना रोककर जांच शुरू करा दी गई। वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद ने कहा कि इससे बाढ़ की महत्वपूर्ण योजना अधर में फंस गई। बताया कि मामले की जांच को लेकर मौके का निरीक्षण कर लिया गया है। इसके साथ ही विभाग से अभिलेख मांगे गए हैं। जिसके बाद पूरी रिपोर्ट विधानसभा को सौंपी जाएगी।
सर्किट हाउस में बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार, अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त, बाढ़ कार्य खंड मुख्य अभियंता राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता त्रयंबक त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता विश्वनाथ शुक्ल, सहायक अभियंता अमरेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
लोक लेखा समिति के सदस्यों के जिले में आने पर सपा नेताओं ने स्वागत किया। सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने पथवलिया में समिति सदस्यों का स्वागत किया। इसके अलावा सूरज सिंह भी सर्किट हाउस पहुंचे। सपा नेताओं से भी समिति के सदस्यों ने वार्ता की और जिले के बारे में जानकारी ली। जिलाध्यक्ष ने बताया कि बाढ़ से बचाव के कार्य में लापरवाही पर समिति के सदस्य गंभीर हैं। विधानसभा में पूरे मामले पर चर्चा होगी।