चीनी मिल के यूनिट हेड समेत तीन पर जालसाजी का केस
गोंडा। चीनी मिल से प्रेसमेट उठाने का ठेका का विवाद अब तूल पकड़ रहा है। ठेकेदार ने कोतवाली नगर में मिल अधिकारियों पर दस लाख रुपये हड़पने व काम बंद करवाने के आरोप में मैजापुर चीनी मिल के यूनिट हेड समेत तीन अधिकारियों पर गबन, जालसाजी व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले के रहने वाले प्रदीप कुमार सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि मैजापुर चीनी मिल से प्रेसमेट उठाने के लिए चीनी मिल के यूनिट हेड नीरज बंसल, डीजीएम संजय अग्रवाल व जीएम केन ने उनकी कंपनी पीके इंटरप्राइजेज के साथ पिछले वर्ष चार सितंबर को अनुबंध किया था।
अनुबंध के एवज में मिल के अधिकारियों ने प्रदीप से 18 लाख रुपये का चेक व 10 लाख रुपये नकद लिए थे। अनुबंध के बाद 16 नवंबर को जब वह प्रेसमेट की उठान के लिए मजदूर लेकर चीनी मिल पहुंचे तो तीनों अफसरों ने उन्हें काम करने से रोक दिया।
प्रदीप ने जब इसका कारण पूछा तो अफसरों ने बताया कि यह काम दूसरे को दे दिया गया है। तुम्हें मिल में कोई दूसरा काम दे दिया जाएगा। प्रदीप ने जब इसका विरोध करते हुए अनुबंध के समय दिए अपने रुपये वापस मांगे तो अफसरों ने उन्हें टरका दिया।
प्रदीप का आरोप है यूनिट हेड समेत तीनों अफसरों ने न सिर्फ उसका रुपया देने से इंकार कर दिया बल्कि इसकी शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
इस मामले मे प्रदीप ने मंगलवार को कोतवाली नगर में चीनी मिल के यूनिट हेड समेत तीनों अधिकारियों के खिलाफ गबन, जालसाजी व जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मैजापुर चीनी मिल के अधिकारियों के खिलाफ जिस मामले की रिपोर्ट नगर कोतवाली में दर्ज कराई गई है उसकी जांच पहले हो चुकी है। प्रदीप कुमार सिंह की ही शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने कटरा बाजार थाने से जांच कराई और जांच में यह बात सामने आई कि ठेका के लिए ठेकेदार को 28 लाख 35 हजार रुपए जमा करनी थी। ठेकेदार ने 18 लाख रुपये जमा किया। इसी के कारण ठेका निरस्त हो गया।