डीएम-एसपी को अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी : आयुक्त
गोंडा। आयुक्त एसवीएस रंगाराव व डीआईजी अनिल कुमार राय ने मंडल के सभी जनपदों के डीएम व एसपी को अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी डीएम व एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जनपद में जो खनन के पट्टे या ठेके दिए गए हैं, उनकी सूचना तत्काल संबंधित उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा थाना प्रभारी को दे दें।
पट्टेदार व ठेकेदार पर यह शर्त लगायी जाय कि वे आवंटित क्षेत्र की अस्थाई फेन्सिंग, बल्ला एवं रस्सी से संबंधित ठेकेदार द्वारा कराकर उसमें अपना बोर्ड लगायें जिसमें स्पष्ट उल्लेख हो कि पट्टा कितने क्षेत्रफल का और कब से कब तक का है तथा कब और किसके द्वारा स्वीकृत है।
जो पट्टाधारक, ठेकेदार निर्धारित अवधि में खनन न कराकर समयावधि बढ़ाने के लिये प्रार्थना पत्र देते हैं तो उन मामलों में गहनता से यह अवश्य देखा जाय कि संबधित पट्टेदार व ठेकेदार ने अपने आवंटित क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्र में तो अवैध खनन नहीं किया गया है और इसीलिए पट्टाधारक, ठेकेदार द्वारा अतिरिक्त समयावधि की मांग की जा रही है।
इसकी गम्भीरतापूर्वक अभिलेखीय, जांच के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। खनन पट्टाधारकों, ठेकेदारों द्वारा प्रत्येक सप्ताह दो दिन पूर्व खनन में लगाए जा रहे वाहनों के प्रकार, उनके नंबर, चालकों के नाम पते मोबाइल नंबर इत्यादि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध करा दें।
इसी प्रकार आगे भी प्रत्येक सप्ताह किया जाता रहेगा। खनन पट्टाधारक, ठेकेदार द्वारा अपने खनन क्षेत्र में एक चौकीदार अपने तरफ से लगाए जाएंगे, जिनकी फोटोयुक्त नाम पता जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराया जाएगा।
चौकीदार द्वारा अपने-अपने खनन क्षेत्र के बगल क्षेत्र के खनन की सूचना संबंधित क्षेत्राधिकारी, उप जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी जाएगी। अवैध खनन के संबंध में विभिन्न माध्यमों से जो भी छोटी-बड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनमें तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी पुलिस एवं खनन अधिकारी से जांच कराकर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
अब तक अवैध खनन के मामलों में जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उन मामलों में गुंडा एवं गैंगस्टर एक्ट आदि संगत अधिनियमों के अन्तर्गत संलिप्त आरोपियों व सफेदपोश आदि के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जाय। संबंधित जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक प्रत्येक सप्ताह इसकी समीक्षा करके आयुक्त व डीआईजी को अवगत कराएंगे।