फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब, यहां तो बिना टेंडर के हो रही खाद्यान की सप्लाई

विज्ञापन
विज्ञापन
तो बिना टेंडर हो रही राशन की सप्लाई
विज्ञापन

डीएम के आदेश पर कर्मचारी कल्याण निगम के हवाले है व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। कस्तूरबा स्कूलों का हाल गजब है। इस आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को मेन्यू के अनुसार भोजन दिए जाने लिए बाकायदा टेंडर निकालकर ठेका दिया जाना चाहिए लेकिन जिले के कस्तूरबा स्कूलों में राशन सप्लाई के लिए इस वर्ष टेंडर ही नहीं कराया गया। अफसरों ने मिली भगत कर बिना टेंडर के ही एक ठेकेदार को सप्लाई का ठेका दे दिया। पिछले चार माह से कर्मचारी कल्याण निगम का ठेकेदार जिले के 17 कस्तूरबा स्कूलों में राशन की सप्लाई कर रहा है।
जिले में 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 17 सौ छात्राएं स्कूल में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही है। इन छात्राओं को दिन में सुबह शाम गुणवत्तापरक पौष्टिक नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराये जाने के लिए प्रतिष्ठित ठेकेदारों को इसका ठेका दिया जाता है। टेंडर निकालने व ठेका आवंटित करने की यह प्रक्रिया नए शैक्षिक सत्र से पहले मार्च महीने में पूरा करने का आदेश है लेकिन पिछले शैक्षिक सत्र में इन नियमों का पालन नहीं किया गया। तत्कालीन बीएसए अजय कुमार सिंह ने बिना प्रक्रिया पूरी किए तीन माह पहले दिसंबर महीने में ही टेंडर करा लिया और ठेके का आवंटन कर दिया। सूबे की सरकार बदलने के बाद जब कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति उठाई तो आनन फानन में तत्कालीन जिलाधिकारी ने खाद्यान की गुणवत्ता खराब बताकर इस टेंडर को निरस्त कर दिया और वैकल्पिक व्यवस्था होने तक राशन की सप्लाई का जिम्मा उप्र कर्मचारी कल्याण निगम को सौंप दिया।
विज्ञापन

इनसेट
सब्जी की सप्लाई भी ठेकेदार के हवाले
कस्तूरबा स्कूलों में राशन की आपूर्ति का जिम्मा जिस कर्मचारी कल्याण निगम को मिला है वह सब्जी की सप्लाई नहीं करती। ऐसे में सब्जी की जिम्मेदारी विद्यालय की वार्डेन की होती है। सब्जी खरीद का बजट वार्डेन को आवंटित होता है। वही रोजाना सब्जियों की खरीद करती है लेकिन यहां के स्कूलों में ठीक इसका उल्टा हो रहा है। यहां सब्जी खरीद का जिम्मा भी निगम के ठेकेदार को दे दिया गया है।
इनसेट
भाजपा जिलाध्यक्ष मुख्यमंत्री से कर चुके है शिकायत
कस्तूरबा स्कूलों में समय से पहले टेंडर कराने की शिकायत भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पियूष मिश्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री से कर चुके हैं। जिलाध्यक्ष ने तत्कालीन बीएसए अजय कुमार सिंह पर नियमों का पालन न करने और अनियमित तरीके से अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर आवंटन करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

वर्जन
टेंडर निरस्त होने के बाद कस्तूरबा स्कूलों में खाद्यान की सप्लाई का जिम्मा उप्र कर्मचारी कल्याण निगम को दिया गया है। ई टेंडरिंग के जरिए निविदा निकाले जाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ई टेंडरिग के माध्यम से टेंडर कराया जायेगा।
-संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें