फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: 70 सजायाफ्ता करेंगे बंदियों की निगरानी

Tue, 14 Oct 2025 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
गोंडा ​स्थित मंडल कारागार। संवाद  - फोटो : दवा की दुकान पर जांच करती औष​​धि निरीक्षक की टीम।
विज्ञापन
गोंडा। मंडल कारागार में कैदियों व बंदियों की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। 70 सजायाफ्ता कैदी (लंबरदार) भी अब बंदियों की निगरानी करेंगे। इसके लिए जेल प्रशासन ने योजना तैयार की है। विचाराधीन एक बंदी के पिछले दिनों फंदा लगाकर जान देने के बाद जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। अब 24 घंटे बंदियों की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन


मंडल कारागार की 13 बैरकों में पुरुष बंदी व एक में महिला बंदी हैं। अस्पताल बैरक में बीमार बंदियों को रखकर इलाज किया जाता है। कारागार में 845 कैदी व बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 216 सजायाफ्ता और 629 विचाराधीन बंदी हैं। इनकी सुरक्षा व निगरानी के लिए 43 बंदीरक्षकों की तैनाती है। बंदीरक्षकों की पर्याप्त संख्या न होने से बंदियों की सुरक्षा व निगरानी में दिक्कतें आ रही थीं।
29 सितंबर को अधिकारी जेल का मुआयना कर रहे थे, इसी दौरान दहेज हत्या में निरुद्ध बंदी रमजान ने पेड़ पर फंदे से लटककर जान दे दी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
विज्ञापन

मंडल कारागार में त्रिस्तरीय सुरक्षा के प्रथम चक्र में सजायाफ्ता कैदी लगाए गए हैं, इन्हें बैरकवार बंदियों की सुरक्षा व निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। ये कैदी लापरवाही न करें, इसके लिए इनकी भी निगरानी के लिए दूसरे चक्र में तीन-तीन सजायाफ्ता कैदियों की चार टीमें लगाई गई हैं। वहीं, तीसरे चक्र में बंदीरक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है।
बंदियों की निगरानी के लिए सजायाफ्ता और बंदीरक्षकों की 24 घंटे में तीन पाली में ड्यूटी लगाई गई है। इन्हें पुरुष, महिला व अस्पताल बैरक के साथ ही सर्किल में निगरानी के आदेश दिए गए हैं।
जेल अधीक्षक मृत्युंजय कुमार पांडेय ने बताया कि मंडल कारागार में निरुद्ध बंदियों की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया है। 70 सजायाफ्ता कैदियों को निगरानी में लगाया गया है। इसके अलावा बंदीरक्षकों को भी मुस्तैदी से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
60 सीसीटीवी से गतिविधियों पर नजर
मंडल कारागार के 60 स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से भी बंदियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जेल अधीक्षक व जेलर के ऑफिस में मॉनीटर लगाए गए हैं। इनके जरिये कौन बंदी सर्किल में कहां जा रहा है, किस बंदी से बात कर रहा है। जेल प्रशासन की इस पर नजर रहती है।
सर्किल में लगे 100 पेड़ों को कंटीले तार से जकड़ा
जेल की सर्किल के अंदर लगे 100 पेड़ों के तने को कंटीले तारों से जकड़ा गया है। जिससे कोई भी बंदी पेड़ पर न चढ़ सके। करीब पांच साल पहले बंदीरक्षकों की नजर से बचकर एक बंदी पेड़ पर चढ़ गया था। उसने जेल प्रशासन को करीब तीन घंटे तक छकाया था। जेल प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए अब पेड़ों के तनों काे कंटीले तारों से घेर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें