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3700 किसानों को लौटानी होगी 7.40 करोड़ सम्मान निधि

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गोंडा। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 3700 अपात्र किसानों पर कृषि विभाग ने शिकंजा कसते हुए रिकवरी की नोटिस भेजी है। इन अपात्र किसानों को किसान सम्मान निधि की दस किश्त यानी करीब 7.40 करोड़ रुपये मिल चुका है। विभाग की माने में करीब 300 से अधिक किसानों ने सम्मान निधि की राशि वापस कर दिया है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के पांच लाख किसानों को छह हजार रुपये साल में तीन किश्तों में दिया जा रहा है। योजना की शुुरुआत में राजस्व विभाग की अनदेखी के चलते योजना के लिए उन किसानों का डाटा भी फीड कर दिया गया जो आयकर दाता हैं या वह किसी अन्य विभाग से दस हजार रुपये से अधिक पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं पति और पत्नी दोनों को लाभार्थी बना दिया गया। पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज डाटा की जांच-पड़ताल हुई तो 3700 किसान अपात्र पाए गए। इन अपात्र किसानों में आयकर दाता, पति-पत्नी दोनों लाभ लेने वाले, मृतक व दस हजार से अधिक पेंशन पाने वाले शामिल हैं।
उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार शाही ने बताया कि सभी 3700 किसानों को रिकवरी की नोटिस भेजी जा चुकी है, जिनमें से तीन सौ से अधिक किसानों ने 60 लाख रुपये सम्मान निधि की वापसी कर दी है। रिकवरी धनराशि डायरेक्टर एग्रीकल्चर एंड फाइनेंस कंट्रोलर, उप्र के खाते में जमा की जाएगी।
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किसान सम्मान निधि के लिए सरकारी नौकरी करने वाले लोग, आयकर जमा करने वाले लोग, विधायक, सांसद तथा दस हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले लोगों को अपात्र माना गया है। चतुर्थ श्रेणी की नौकरी करने वाले किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल सकता है।
किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों को लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य हो गया है। जिसमें लाभार्थी किसान का खाता संख्या से आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर लिंक हो जाएगा। नतीजन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में होने वाला फर्जीवाड़ा को रोका जा सकता है। ई- केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 22 मई निर्धारित की गई है। जिन किसानों का केवाईसी नहीं होगा उन्हें सम्मान निधि के अगली किश्त का लाभ नहीं मिलेगा।
उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार शाही ने बताया कि किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 3700 अपात्र किसानों को नोटिस भेजकर मिली धनराशि वापस करने को कहा गया है। करीब 300 से अधिक किसानों ने सम्मान निधि की धनराशि वापस कर चुके हैं। बिना ई-केवाईसी सम्मान निधि की अगली किश्त नहीं दिया जाएगा।
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