फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: 6600 एमटी डीएपी खत्म, समितियों पर फिर ताले

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। दो दिन पहले जिले में आई 66 सौ मीट्रिक टन डीएपी पलक झपकते ही खत्म हो गई। इसके बाद सोमवार को फिर डीएपी लेने पहुंचे किसानों को अधिकांश सहकारी समितियों पर ताले पड़े मिले। इससे परेशान किसानों का कहना है कि मांग के अनुरूप वितरण के लिए आई 66 सौ एमटी डीएपी नाकाफी साबित हुई है।
विज्ञापन

पर्याप्त मात्रा में खाद न मिल पाने पाने से गेहूं की बुवाई के साथ ही अन्य पैदावार भी लगातार पिछड़ रही है। डीएपी की किल्लत से छुटकारा दिलाने के लिए अलग-अलग चरण में खाद की सप्लाई केंद्रों पर पहुंच तो रही है लेकिन वह किसानों की जरूरत के हिसाब से काफी कम पड़ रही है। इस कारण जरूरतमंद किसानों को एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हो भटकना पड़ रहा है।
वर्तमान में सरसों, मटर, आलू के अलावा अन्य दलहनी व तिलहनी फसलों की बुवाई हो चुकी है। इन दिनों तेजी से गेहूं की बुवाई चल रही है। इसके लिए डीएपी की सख्त जरूरत है। किसान एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर लगा रहे हैं। कहीं भी डीएपी पहुंचने की खबर मिलती है तो बड़ी संख्या में किसान वहां जुट जाते हैं। खाद की किल्लत से जिले में 80 हजार हेक्टेयर में होने वाली रबी फसलों की बुआई पूरे एक माह तक पिछड़ गई है।
विज्ञापन

वितरण के लिए खाद का स्टॉक न होने से सोमवार को जिले के अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर ताला लटकता रहा। नवाबगंज ब्लाक परिसर स्थित सहकारी समिति के गोदाम पर खाद लेने पहुंचे किसानों को बिना डीएपी के वापस लौटना पड़ा। इटियाथोक के साधन सहकारी समिति जानकीनगर में खाद का गोदाम बंद रहा।
समिति के सचिव मदन मोहन तिवारी ने बताया कि सात एमटी डीएपी मिली थी जो कुछ ही घंटो में खत्म हो गई। भवानीपुर खुर्द के किसान रामतीरथ ने बताया कि बीते तीन दिनों से दौड़ लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह खोड़ारे क्षेत्र के दस साधन सहकारी समितियों पर भी खाद न होने के कारण ताला लटकता रहा है।
जिले में अब तक डीएपी खाद की 1,32,000 बोरियां वितरण के लिए सहकारी समितियों को मिल चुकी हैं। इसके बावजूद वजीरगंज के साधन सहकारी समिति करदा से जुड़े किसान बीते चार माह से समिति पर खाद आने का इंतजार कर रहे हैं। समिति को वितरण के लिए अभी तक एक भी बोरी खाद नहीं मिल सकी है। सचिव राधेश्याम ने बताया कि यहां पिछले चार महीने से खाद नहीं आई। इस कारण हर रोज बड़ी संख्या में किसानों को वापस करना पड़ रहा है।
जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव ने बताया कि जिले में खाद की किल्लत दूर करने के लिए 6600 एमटी डीएपी की खेप मिली थी। इसका वितरण करा दिया गया है। एक दो दिनों में अगली रैक आने के बाद खाद की किल्लत पूरी तरह से दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें