शासन की टीम ने एफसीआई गोदाम पर मारा छापा
गोंडा। वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र में पकड़े गये करोड़ों रुपये के खाद्यान्न की जांच करने गोंडा आई शासन की पांच सदस्य टीम ने बुधवार को एफसीआई के बफर पर अनाज मिलान के लिए छापा मारा।
टीम के अधिकारियों ने गोदाम में रखे उस लाट के अनाज की जांच की जिसमें से ब्लाकों को इस दौरान आवंटन किया गया था। टीम ने गोदाम पहुंचकर वहां के प्रबंधकों से जानकारी ली।
एक सप्ताह पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कार्डधारकों में बंटने वाला अनाज का बड़ा भंडार वजीरगंज के बंधवा गांव के पास एक निजी गोदाम में पकड़ा गया था। इस मामले में पूर्ति विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देश पर गोदाम मालिक व दो संचालकों के अलावा मौके पर मिले एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
शासन के निर्देश पर रविवार की शाम को दूसरी बार गोंडा पहुंची टीम घटना स्थल पर मिले एक फर्जी स्टैन्सिल फर्मा व क्रय केंद्रों को लेकर उलझी हुई है। इसके पीछे कई कारण भी पेश आ रहा है।
एक तो मौके से अनाज को प्रशासन की ओर से हटाकर फल सब्जी मंडी में रखवा दिये जाने से सुबूतों को तलाश करने में दिक्कत हो रही है।
छापेमारी के दौरान शासन की टीम में प्रदेश के अपर आयुक्त अनूप शंकर, अपर आयुक्त एके सिंह के अलावा एक डिप्टी आरएमओ व दो एआरएओ शामिल के साथ आरएफसी देवीपाटन मंडल राजेश कुमार, उपायुक्त खाद्य सत्येंद्र कुमार सिंह व अन्य विभागीय अधिकारी शामिल रहे।
टीम ने एफसीआई के गोदाम नंबर चार के चावल के उस लाट की जांच की जिससे खाद्य रसद विभाग के ब्लाकवार गोदामों को आवंटित किया गया है। अधिकारियों को लाट के सभी बोरों में टैग लगा नही मिला।
इसके अलावा गोदाम के अधिकारियों से साधन सहकारी समिति करमा नाम के समिति या क्रय केंद्र से गेहूं की डिलेवरी दिये जाने की जानकारी ली। एफसीआई के अधिकारियों ने बताया कि गोदाम पर कोई ऐसे किसी भी समिति या केंद्र से गेहूं की डिलेवरी नही की गई है।
अनाज घोटाले की दर्ज एफआईआर की जांच क्राइम ब्रान्च करेगी
वजीरगंज ब्लाक में पकड़े गये अनाज घोटाले में दर्ज एफआईआर की जांच अब क्राइमब्रान्च की टीम करेगी। वजीरगंज के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद सरोज ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अनाज घपले में दर्ज मामले की जांच क्राइम ब्रांच की टीम को सौंपी गई है। टीम जांच पूरी कर अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगी।