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इंटरमीडियट का जीवविज्ञान का पर्चा आउट

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इंटर जीव विज्ञान प्रथम का पेपर वायरल होने की खबर से हड़कंप

गोंडा। नकल माफिया ने सोमवार को इंटरमीडिएट जीव विज्ञान के प्रथम पेपर परीक्षा के पांच घंटे पहले ही आउट कराकर परीक्षा की सुचिता को तार तार कर दिया। सुबह नौ बजे ही इंटरमीडिएट जीव विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र का हल भी वायरल होकर लोगों के मोबाइल में पहुंच गया, जबकि परीक्षा दूसरी पाली में दो बजे से ही आयोजित की गई। शाम को जब हल व पर्चे का मिलान किया गया तो हूबहू पर्चे के प्रश्न का ही हल निकला।

बोर्ड परीक्षाओं में नकल को लेकर जिला काफी बदनाम रहा है। पिछले वर्ष देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले को नकल की मंडी बताकर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इस बयान के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने परीक्षा के दौरान नकल माफियाओं की कमर तोड़ दी थी।
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कई परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इस बार भी जिला प्रशासन ने परीक्षा में नकल रोकने के व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा के पहले ही दिन सूबे के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने जिले के पांच स्कूलों पर छापेमारी की थी और परीक्षा को नकल मुक्त संपन्न कराए जाने का निर्देश अफसरों को दिया था।

परीक्षा से जुड़े अफसर नकल मुक्त परीक्षा कराए जाने का दावा कर रहे थे मगर सोमवार को यह खेल पूरी तरह से उजागर हो गया। नकल माफियाओं ने सोमवार को इंटरमीडिएट के जीव विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र का पर्चा परीक्षा कुछ घंटे पहले आउट कराकर अफसरों के नकल मुक्त परीक्षा के दावे की भी हवा निकाल दी।

पूरी परीक्षा में पर्चा आउट होने की खबर अफसरों तक पहुंचती रहीं मगर अफसर सब कुछ जानकर भी अंजान बने रहे और व्यवस्था को आल इज वेल बनाने में जुटे रहे। सोमवार को दूसरी पाली में होने वाले इंटरमीडिएट के जीव विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र के सवाल व उसके हल सुबह नौ बजे ही वायरल हो गया और परीक्षा से जुड़े लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर चमकने लगा।

परीक्षा के बाद जब पर्चे का मिलान आउट हुए पर्चे से कराया गया तो दोनों पर्चे हूबहू मिले। इसके पहले भी 27 फरवरी को इंटरमीडिएट के भौतिक विज्ञान का पर्चा आउट होने का आरोप परीक्षार्थियों ने लगाया था और इसकी शिकायत करनैलगंज कोतवाली में की थी मगर उस दिन अफसरों ने परीक्षा के बाद का समय बताकर मामले पर पर्दा डाल दिया था। अब जीव विज्ञान का पर्चा आउट होने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया है।

पेपर वायरल होने के बाद केंद्र व्यवस्थापक बदला, टीम ने कराई परीक्षा

गोंडा। जीव विज्ञान का पर्चा आउट होने के मामले पर अफसरों ने भले ही चुप्पी साध रखी हो मगर परीक्षा के पहले ही जीव विज्ञान का प्रश्नपत्र मोबाइल पर वायरल होने की सूचना मिलते संदिग्ध परीक्षा केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक को बदल दिया गया।

आनन फानन में वहां दूसरे शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक बनाकर तैनात किया गया और वहां पर पूरे तीन घंटे तक फ्लाइंग स्क्वायड ने बैठकर अपनी निगरानी में परीक्षा कराई और कापियों के बंडल को भी सील कराया।

जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि धानेपुर क्षेत्र के राजाराम शिक्षण संस्थान भौकहवा व राम मूरत इंटर कॉलेज में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इस पर राजाराम शिक्षण संस्थान की केंद्र व्यवस्थापक गोल्डी तिवारी को हटाकर उनके स्थान पर मनकापुर के एपी इंटर कॉलेज के शिक्षक राकेश कुमार को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। इसके अलावा दोनो केंद्रों पर फ्लांइग स्क्वायड की निगरानी में परीक्षा कराई गई है।
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डीएम को भेजी गई सूचना
वायरल हुए पर्चे का मिलान कराया जा रहा है। जिलाधिकारी के स्तर से भी इसकी जांच कराई जा रही है। अगर मामला सही मिलेगा तो कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। अभी इस संबंध में कुछ भी कहना संभव नहीं हैं।
-सत्य प्रकाश त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक
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