प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से प्रशिक्षित बेरोजगारों की बदली तकदीर
गोंडा। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से प्रशिक्षित बेरोजगारों की तकदीर बदल रही है। रूरल सेल्फ इंप्लाईमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) इलाहाबाद बैंक की मदद से बेरोजगारों को कमाई के पंख लग रहे हैं।
आरएसईटीआई बेरोजगारों को कामगार बनाकर अब तक करीब 500 बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ चुका है। खाली बैठे रहने वाले बेरोजगार आज पांच हजार से लेकर 15 हजार तक हर माह कमा रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बेरोजगारों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मददगार साबित हुई है।
विकास भवन परिसर में इलाहाबाद बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान संचालित है। यहां स्वरोजगार के कई क्षेत्र के लिए विशेषज्ञों की ओर से बेरोजगारों को एक माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। समय समय पर अलग अलग क्षेत्र के लिए बेरोजगारों को प्रशिक्षण दिये जाने का कार्यक्रम तैयार किया जाता है।
प्रशिक्षण के लिए बेरोजगारों का नि:शुल्क पंजीयन किया जाता है। इसके बाद बेरोजगारों को एक से छह माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। किसी भी एक काम में महारथ हासिल करने वाले बेरोजगारों को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
आरएसईटीआई आल बैंक से उन्हें उनके जरूरत के मुताबिक आर्थिक सहायता के रूप में लोन मुहैया कराता है। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से वास्तव में जरूरतमंद प्रशिक्षित बेरोजगारों को आसानी से लोन मिल जा रहा है। जिससे बेरोजगारों की जिंदगी में कमाई से बदलाव आ रहा है।
पिता के देहांत के बाद रूपा ने ऐसे संभाली घर की कमान
गोंडा। नगर के मालवीय नगर की रहने वाली रूपा गुप्ता के पिता का तीन साल पहले देहान्त हो गया था। आथक तंगी से लड़कर रूपा ने विकास भवन परिसर में संचालित इलाहाबाद बैंक के आरएसईटीआई में एक माह ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया।
आरएसईटीआई की संस्तुति पर बैंक से प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से 50 हजार रुपये का लोन लेकर दुकान खोली। आज रूपा अपने कारोबार से आठ हजार रुपये प्रति माह आराम से कमा लेती हैं।
अब बिजनेस बढ़ाने के लिए चाहिए और लोन
गोंडा। बभनजोत ब्लाक के ग्राम चाननपुरवा भोपतपुर निवासिनी शालिनी ने बैंक से लोन लेकर काम शुरू किया था लेकिन अब वह अपने रोजगार को और बढ़ाने के लिए और लोन के लिए डिमाण्ड किया है।
शालिनी के सामने भी आथक संकट थी। जानकारी मिलने पर शालिनी ने आल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से ड्रेस डिजाइन व बैग मेकिंग का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद बैंक से 25 हजार का लोन लेकर काम शुरू किया। शालिनी पांच से छह हजार रुपये कमा रही हैं। लेकिन वह अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए बैंक से और लोन लेने की इच्छुक हैं।
कमाई में सेल्फ डिपेंड बनी मीरा
गोंडा। धानेपुर बाजार की मीरा गुप्ता की आथक तंगी को लेकर अक्सर खटपट हो जाती थी। इस बबात से दुखी होकर मीरा ने खुद अपने पैरों पर खड़ी होने के लिए खुद का बिजनेश शुरू करनी की ठानी। पहले उन्होंने आरएसईटीआई से एक माह की ब्युटीशियन में ट्रेनिंग ली।
इसके बाद प्रोजेक्ट बनाकर बैंक से एक लाख रुपये का लोन लिया। खुद का ब्यूटी पार्लर खोला । आज वह हर माह आठ से नौ हजार रुपये महीना कमाती हैं। उनका बेटा उन्हें दुकान से रोजाना घर लाता ले जाता है।
प्रशिक्षण लेकर खोला बुटीक
गोंडा। बखरवा गूंगीदेई निवासिनी प्रीति सिंह ने आल बैंक प्रशिक्षण संस्थान से सिलाई कटाई का नि:शुल्क ट्रेनिंग किया। घर में पति बाहर से कपड़े लाकर बेचते थे। प्रीति ने बुटीक सेंटर खोलकर खुद का काम शुरू किया।
वह स्कूल के बच्चों का ड्रेस बनाना शुरू किया। बैंक से लोन मांगी तो बैंक ने तुरन्त लोन देने की हामी भर ली। प्रीति ने बाजार की डिमांड पर अपने काम का विस्तार किया है जिससे उनकी पांच से छह हजार रुपये प्रति माह की कमाई अब बढ़कर 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह हो गई है।
आल बैंक रूरल सेल्फ इंप्लाईमेंट टे्रनिंग इंस्टीट्यूट इलाहाबाद बैंक गोंडा बेरोजगारों को अलग अलग क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहा है। प्रशिक्षण दिलाने के बाद प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के लिए बैंक से लोन दिलाकर उन्हें अपना व्यावसाय शुरू कराया जाता है।
अब तक 500 लोगों ने इस योजना से खुद का बिजनेस शुरू किया है,जो 5000 से लेकर 15000 रुपये प्रति माह तक कमाई कर रहे हैं। आरएसईटीआई में जल्द ही मशरूम की खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षण दिये जाने की कार्ययोजना है।
- साधना दूबे, निदेशक आरएसईटीआई इलाहाबाद बैंक