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ढाई घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे मंडल के चार जिले

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ढाई घंटे तक अंधेरे में रहे मंडल के सभी जिले
पावर ग्रिड पर बिजली की उपलब्धता कम होने से बढ़ी कटौती
मंडल मुख्यालय पर चार घंटे तो ग्रामीण इलाकों में 5 से 6 घंटे बढ़ी अतिरिक्त कटौती
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले में क्या पूरे मंडल में बिजली कटौती ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंडल मुख्यालय पर किसी दिन तीन घंटे तो किसी दिन चार से पांच घंटे बिजली गुल रहना आम बात हो गई है तो वहीं ग्रामीण इलाकों की हालत इससे कहीं ज्यादा खराब है, जहां लोगों को 24 घंटे में 8 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही। सोमवार रात समूचे मंडल (गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती) की बिजली ढाई घंटे तक कटी रही। जानकारी करने पर पहले बताया गया कि लखनऊ-मुद्रा महेेंद्रगढ़ के बीच 1200 मेगावाट की एचबीडीसी लाइन ट्रिप होने से यह समस्या आई है। लेकिन बाद में पता चला कि बिजली की यह कटौती लाइन ट्रिप होने से नहीं बल्कि ग्रिड पर बिजली की उपबल्धता कम होने से हुई है। जिसका खामियाजा मंडलवासियों को रात की कटौती के रूप में अभी तक भुगतना पड़ेगा, जबतक कि सप्लाई पोजीशन पूरी तरह से नार्मल नहीं हो जाती।
पावर कॉरपोरेशन के पारेषण खंड विभाग में कार्यरत मुख्य अभियंता पारेषण मध्य शेखर अग्रवाल की मंडल मुख्यालय गोंडा में बिजली आपूर्ति को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को दी गई रिपोर्ट अब सही साबित हो रही है। इसका पता मंडल में एक बारगी शुरू हुई कटौती से दिखाई पड़ने लगा है। क्योंकि आज से एक महीने पहले तक जहां मंडल मुख्यालय गोंडा को रोजाना साढ़े 23 से 24 घंटे के करीब बिजली मिला करती थी। वहीं अब इसका ग्राफ घटते-घटते साढ़े 19 से साढ़े 20 घंटे के बीच आ गया है। जबकि ठीक इसी तरह ग्रामीण इलाकों को जहां महीने भर पहले किसी दिन 14 घंटे तो किसी दिन 15 घंटे बिजली दी जाती थी। आज उन्हीं ग्रामीण इलाकों को 8 से 10 घंटे बिजली दे पाना भी पावर कारपोरेशन के लिए मुश्किल हो चला है। जिसकी सबसे बड़ी वजह ग्रिड पर बिजली की उपलब्धता कम होना है। जिले में 350 मेगावाट के सापेक्ष पहले से ही 100 मेगावाट बिजली कम मिल रही है, ऊपर से पावर ग्रिड की एवेलिबिलिटी डाउन हो जाने से रोजाना 30 से 40 मेगावाट बिजली की कटौती की जा रही है। जिसके चलते शहर से देहात तक लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सोमवार को रुटीन कटौती के बावजूद रात में ढाई घंटे के लिए पूरे मंडल की बिजली एकदम से काट दी गई। जिससे लोग रात में ठीक तरह से सो भी नहीं पाए। पता करने पर पहले बताया गया कि यह कटौती मुद्रा-महेंद्रगढ़ के बीच 1200 मेगावाट की एचबीडीसी लाइन ट्रिप होने से हुई है। लेकिन जब इस बाबत पारेषण खंड विभाग के एक्सईएन सीपी पाण्डेय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह कटौती पावर ग्रिड पर बिजली की उपलब्धता कम होने से हुई है। क्योंकि जब तक पूरे प्रदेश की सप्लाई पोजीशन नार्मल नहीं हो जाती तब तक इस तरह की कटौती का सामना मंडल मुख्यालय के लोगों को करना पड़ेगा।
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इनसेट
बारिश में उड़ाई कई उप केंद्रों की बिजली
सोमवार रात और मंगलवार को दिन में हुई बरसात से कई बिजलीघरों की सप्लाई 18 से अधिकतम 24 घंटे तक डिस्टर्ब रही। बालपुर, तरबगंज व बेलसर बिजलीघरों से निकलने वाली 11 केवी लाइन में सोमवार रात हुई बरसात से फाल्ट आ गया। वहीं मसकनवा, मनकापुर और धानेपुर को जाने वाली बिजली भी सोमवार रात हुई बरसात से बाधित रही। जबकि करनैलगंज व भंभुवा बिजलीघरों के 11 केवी फीडरों की सप्लाई भी मंगलवार को दिन में रुक-रुक कर होने वाली बरसात की वजह से बाधित रही।
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इनसेट
आज 3 घंटे बहराइच व करनैलगंज में नहीं रहेगी बिजली
पारेषण खंड विभाग के मुख्य अभियंता सीपी पाण्डेय के मुताबिक बहराइच जाने वाली 220 केवी लाइन का मेटीनेंस (अनुरक्षण) कार्य बुधवार को दिन में 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होना प्रस्तावित है। जिसके लिए इसकी लाइन का शट डाउन पहले से ले रखा गया है। इस दरम्यान सुबह 11 बजे से 2 बजे तक तीन घंटे पूरे बहराइच जिले व गोंडा में तहसील करनैलगंज की बिजली कटी रहेगी।
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