बरसात ने बहाया पुल, मुख्यालय से कटे परसपुर और करनैलगंज
बेलई नाले के पुल से चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद
बारिश में चार दिन पहले बैठ गया था पुलिया का एक चौथाई हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
परसपुर-करनैलगंज (गोंडा)। सोमवार को हुई भारी बारिश के चलते तीन मुख्य मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। इससे परसपुर व करनैलगंज जिला मुख्यालय से कट गए हैं। सोमवार की रात में गोंडा-करनैलगंज मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया बैठ गई। इस मार्ग पर पुलिया बैठने से वाहनों को कटरा बाजार से होकर गोंडा भेजा जाने लगा। इसी बीच करनैलगंज-कटरा बाजार टू लेन पर पहाड़ापुर के पास पूरेथान गांव के पास निर्माणाधीन पुलिया बरसात के चलते बह गई। इससे गोंडा से लखनऊ आने-जाने वाले वाहनों को परसपुर से होकर भेजा जाने लगा, बालपुर परसपुर मार्ग पर बेलई नाले की पुलिया भी बैठ गई जिससे पुलिया के दोनों छोर पर बैरियर लगाकर वाहनों को गोंडा वाया बेलसर से होकर गुजारना पड़ा। परसपुर से गोंडा और गोंडा से बालपुर-त्योरासी के रास्ते परसपुर आने-जाने वाले चार पहिया वाहनों का आवागम पूरी तरह से बंद हो गया है।
परसपुर-बालपुर रोड पर बने बेलई नाले की पुलिया का निर्माण तकरीबन 60 साल पहले किया गया था। जिसकी मियाद खत्म हुए 10 साल बीत चुके है। परंतु अभी तक इस पुलिया के बनने का नंबर नहीं आया है। वहीं इस मार्ग का नवीनीकरण का काम पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना) में चल रहा है। वहीं रोजाना इस रोड से सैकड़ों की संख्या में छोट-बड़े वाहनों के आवागमन से हजारों लोग बालपुर, त्यौरासी व गोंडा जाने के लिए होता है। जिसके लिए अब लोगों को रास्ता बंद होने से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आना-जाना होगा। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिया धंस जाने से वाहनों के आवागमन के दौरान कोई हादसा न हो, इसलिए थाने की फोर्स लगा बैरीकेटिंग कर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट पीडब्लूडी को भी भेज दी गई है। उधर लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड-2 के अवर अभियंता राम निवास ने बताया कि यह रोड प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना को हैंडओवर की जा चुकी है। इसलिए पुलिया का निर्माण भी अब वही कराएगा। पीएमजीएसवाई के अधिशाषी अभियंता परवेज अली पुलिया के लिए 70 लाख रूपये का इस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है। बरसात के बाद इसका निर्माण किया जाएगा।
इनसेट
चौड़ीकरण के चक्कर में जानलेवा हुई गोंडा-लखनऊ रोड
एक वर्ष से अधिक समय से जरवल से गोंडा के बीच चल रहे फोरलेन मार्ग निर्माण की कवायद को एकाएक विराम लगने के कारण इस मार्ग से निकलने वाले हजारों वाहनों और लाखों यात्रियों के लिए दिक्कत खडी कर दिया है। आम लोगों में फोरलेन मार्ग के निर्माण को रोक कर नेशनल हाईवे का नाम देकर कार्य को बाधित करने की कार्रवाई महज राजनैतिक हस्तक्षेप एंव अपनी ढपली अपना राग मान रहे हैं। मार्ग निर्माण में दो माह पूर्व मिटटी उपलब्ध न होने का बहाना बता कर कार्यदायी संस्था ने कार्य को मध्यम गति से किया। एक वर्ष से महज पुलियों का निर्माण कराया जा रहा था। एक माह पूर्व से मिटटी पटाई का कार्य तेज हुआ तो उसपर एनएच बताकर कार्य को प्रभावित कर दिया गया। गोंडा से जरवल के बीच में करीब चार दर्जन पुलियों का निर्माण नया कराया गया है। जहंा अप्रोच का निर्माण अब तक नहीं हुआ वाहनों के निकलने में सबसे बडी समस्या हो रही है तथा बडी दुर्घटना की सम्भावना बनी हुुई है। जगह-जगह सडक़ें टूट कर तालाब की शक्ल में हो चुकी हैं। वहीं करनैलगंज से जरवल के बीच हुए मिटटी पटाई कार्य से बरसात ने आवागमन में लोगों के परेशानी का सबब बना दिया है। अब लोग लखनऊ से गोंडा जाने के लिए करनैलगंज परसपुर या कटरा बाजार से घूम कर निकलने लगे हैं। वहीं गोंडा से लखनऊ जाने वाले लोग भी अपना रास्ता बदल कर निकल रहे हैं।