विधानसभा चुनाव में पोलिंग बूथ बनाए जाने वाले परिषदीय स्कूलों के दिन बहुरने लगे हैं। बिजली, पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम इन विद्यालयों की व्यवस्था में सुधार के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके तहत पोलिंग बूथ बनाए गए 612 परिषदीय स्कूल बिजली से रोशन किए जाएंगे। इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग को 42.56 लाख रुपये की धनराशि का आवंटन कर दी है।
पोलिंग बूथ बनने वाले अधिकतर परिषदीय स्कूलों में पेयजल, बिजली, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों व शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाता है। चुनाव आयोग ने पोलिंग बूथ बनाए जाने वाले इन स्कूलों की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
जिला समन्वयक निर्माण के मुताबिक जिले के 612 परिषदीय स्कूल ऐसे है, जिनमें इन सुविधाओं का अभाव है। अब चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अब इन स्कूलों के दिन बहुरने वाले हैं। आयोग के निर्देश के बाद राज्य परियोजना निदेशक ने इन स्कूलों में विद्युतीकरण कराने का निर्देश जारी किया है। विद्युतीकरण कार्य के लिए परियोजना निदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग को 42.56 लाख रूपये की धनराशि का आवंटन भी कर दिया है।
इस धनराशि से स्कूलों में बिजली के कनेक्शन से लेकर वायरिंग तक के कार्य कराये जायेंगे। स्कूल के कमरों में पंखे व बल्ब भी लगाए जायेंगे, हालांकि एक स्कूल में विद्युतीकरण के लिए कितनी धनराशि खर्च की जायेगी इसका निर्धारण अभी नहीं किया गया है। जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा ने बताया कि स्कूलों में विद्युतीकरण की कार्रवाई जल्द ही प्रारंभ की जायेगी।