जिला प्रशासन की ओर से आधार कार्ड बनवाने व उसकी फीडिंग कराने का पुख्ता इंतजाम न होने से जिले के 61 हजार कर्जदार किसानों की कर्ज माफी लटक गई है। 61 हजार कर्जदार किसान ऐसे है जिसमें अधिकतर किसानों की अभी तक आधार ही नही बन सका है।
दूसरे जिनका बना है उनका सबका अभी तक बैंक अकाउंट से लिंक नही हो सका है। जिन कर्जदार किसानों के कर्ज वाले खाते से आधार कार्ड लिंक नही होगा उन्हें कर्ज माफी का लाभ नही मिल सकेगा।
प्रशासन की ओर से कर्जदार किसानों के आधार कार्ड बनाने की उचित व्यवस्था न किये जाने उसके व्यापक प्रचार प्रसार न किये जाने से अभी तक तमाम कर्जदार किसान आधार कार्ड बनवाने व उसे खाते से जोड़े जाने के काम से अनजान हैं।
जिले में कई स्थान पर कुछ निजी संस्थाओं की ओर से आधार कार्ड तो बनाया जा रहा है लेकिन उनकी मानीटरिंग नही हो रही है। लोगों का आधार कार्ड आसानी से नही बन पा रहा है। किसानों के आधार कार्ड न बनने की वजह आधार बनाए जाने वाले केंद्रों पर संसाधनों का अभाव व वहां के कमयों की ओर से लोगों से बेजा पैसा वसूली करना बताया जाता है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि कर्जमाफी योजना के लाभाविंत होने वाले किसानों को कर्ज माफी प्रमाण-पत्र का वितरण कई दौर में होगा। ऐसे में कोई किसान कर्ज माफी के लाभ से तो वंचित नहीं रहेगा लेकिन तमाम किसानों को इसका लाभ कुछ दिन बाद मिलेगा। किसान राकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने आवेदन किया था अभी उनका आधार नहीं बन सका है। किसान रमेश चन्द्र का कहना है कि उनके हाथ की छाप न आने से उनका आधार नहीं बन सका है।
गोंडा। जिले में ऐसे किसानों के कर्जमाफी में भी देरी हो रही है जिनकी मौत हो चुकी है। अब कर्जदार किसान के वारिसान के कागजात बनने व उनके नाम कर्जदार किसान की वरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया में वक्त लग रहा है। ऐसे किसानों को दूसरे दौर में ही कर्ज माफी का लाभ मिल सकेगा। ऐसे किसानों को भी अब आधार कार्ड बनवाने के साथ उसे कर्जदार के खाते से लिंक कराना होगा।
गोंडा। शासन की ओर से जिले में पहले दौर में 36 हजार 770 किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इन किसानों का कुल दो अरब 29 करोड 61 लाख सात हजार 832 रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कई किश्तों में किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिलाया जाएगा।
इसके पीछे कई कारण भी हैं एक तो अभी सभी कर्जदार किसानों का आधार कार्ड नही बन सका है दूसरे शासन की भी मंशा है कि कई किश्तों में कार्यक्रम के साथ कर्जमाफी की योजनाओं का लाभ दिया जाए ताकि सरकार के इस कार्य का प्रचार प्रसार भी हो। शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन भी काम कर रहा है।